Law Minister FIR Controversy: दिल्ली और पंजाब की राजनीति में Atishi Video Controversy ने नया मोड़ ले लिया है। जालंधर पुलिस द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद अब मामला Delhi Assembly तक पहुंच गया है। दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने इस पूरे घटनाक्रम को विधानसभा की कार्यवाही और विशेषाधिकार से जुड़ा बताते हुए Punjab Police के 3 वरिष्ठ IPS अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
FIR के बाद क्यों मचा बवाल?
Law Minister FIR Controversy: दिल्ली विधानसभा में सिख धर्मगुरु से जुड़ी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में, आतिशी की वीडियो क्लिप वायरल करने को लेकर जालंधर पुलिस ने दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा समेत कुछ BJP नेताओं पर FIR दर्ज की थी।
इसी FIR को लेकर अब संवैधानिक और विधायी टकराव की स्थिति बन गई है।
किन IPS अधिकारियों को भेजा गया Notice?
Law Minister FIR Controversy: Delhi Assembly की ओर से 48 घंटे में जवाब मांगा गया है। नोटिस इन अधिकारियों को भेजा गया है:
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Punjab DGP
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Special DGP (Cyber Crime)
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Jalandhar Police Commissioner
Law Minister FIR Controversy: साथ ही यह भी साफ किया गया है कि मामला सामान्य नहीं है, इसलिए FIR से जुड़े दस्तावेज और Forensic Report भी पेश करनी होगी।
पूरा विवाद शुरू कैसे हुआ?
Law Minister FIR Controversy: यह विवाद पिछले हफ्ते Delhi Assembly Session के दौरान शुरू हुआ।
नवंबर 2025 में Guru Tegh Bahadur Ji के 350वें शहादत दिवस से जुड़े कार्यक्रम पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष Atishi ने अपना पक्ष रखा था।
इसके बाद BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदूषण पर चर्चा की मांग के दौरान सिख गुरु को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई।
इस आरोप के बाद सदन में हंगामा हुआ और BJP ने Atishi की विधायकी रद्द करने तक की मांग कर डाली।
Speaker Vijender Gupta ने क्यों जताई कड़ी नाराजगी?
Law Minister FIR Controversy: स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने साफ कहा कि:
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Assembly Proceedings की रिकॉर्डिंग सदन की संपत्ति होती है
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बिना अनुमति इसका इस्तेमाल करना Privilege Violation है
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इसी रिकॉर्डिंग के आधार पर FIR दर्ज होना गंभीर मामला है
उन्होंने कहा कि Punjab Police का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
AAP सरकार पर भी हमला
Law Minister FIR Controversy: Delhi Assembly Speaker ने Punjab की AAP सरकार पर राजनीतिक मकसद से पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
इस विवाद की वजह से Delhi-Punjab Relations में भी तनाव बढ़ता नजर आ रहा है।
अब इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी:
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Forensic Report
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Assembly Privilege Committee Investigation
के पूरा होने के बाद।
Law Minister FIR Controversy: Atishi Video Controversy अब सिर्फ एक राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संवैधानिक अधिकार, विधानसभा विशेषाधिकार और राज्यों के बीच टकराव का मुद्दा बन चुकी है। आने वाले दिनों में यह विवाद और भी बड़ा सियासी रूप ले सकता है।