Rungta Coal Mines के खिलाफ आदिवासियों का बड़ा आंदोलन! 14वें दिन भी जारी है Bijadand में धरना

Korba News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कोयला खनन के विरोध में आदिवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। Podi Uproda block के बीजाडांड में प्रस्तावित Rungta Coal Mines Private Limited के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन धरना (Indefinite Protest) अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। आज इस विरोध प्रदर्शन का 14वां दिन है, और ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे अपनी जमीन और जंगल किसी भी कीमत पर नहीं देंगे।
Gondwana Gantantra Party (GGP) का मिल रहा है साथ
यह आंदोलन गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। शुरुआत बीजाडांड से हुई थी, लेकिन अब इसकी गूंज आसपास के गांवों में भी सुनाई दे रही है। Rampur, Lokdaha, Sukhbahara, Lenga और Sasin जैसे कई गांवों के लोग इस आंदोलन के समर्थन में उतर आए हैं। जैसे-जैसे आदिवासियों की संख्या बढ़ रही है, स्थानीय प्रशासन (Local Administration) की चिंता भी गहरी होती जा रही है। Rungta Coal Mines

आखिर क्यों हो रहा है Rungta Coal Mines का विरोध?
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह पूरा इलाका Tribal-dominated (आदिवासी बहुल) है। अगर यहां माइनिंग प्रोजेक्ट शुरू होता है, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे:
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Displacement (विस्थापन): सैकड़ों आदिवासी परिवार बेघर हो जाएंगे।
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Loss of Livelihood: उनकी खेती की जमीन, जंगल और जलस्रोत (Water Sources) पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
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Traditional Lifestyle: आदिवासियों की सदियों पुरानी संस्कृति और जीवनशैली पर खतरा मंडरा रहा है।
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PESA कानून के उल्लंघन का आरोप
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया है कि इस माइनिंग प्रोजेक्ट के लिए Gram Sabha की सहमति नहीं ली गई है। आदिवासियों का कहना है कि बिना चर्चा किए माइनिंग प्रस्ताव को आगे बढ़ाना PESA Act और संविधान के नियमों का सीधा उल्लंघन है। Rungta Coal Mines
“जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे” – आंदोलनकारियों की चेतावनी
धरना स्थल पर लगातार नारेबाजी और रणनीतिक बैठकें (Strategic Meetings) चल रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि:
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जब तक कोल माइंस प्रोजेक्ट को निरस्त (Cancel) नहीं किया जाता, धरना खत्म नहीं होगा।
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अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और भी उग्र (Aggressive) बनाया जाएगा।
प्रशासन की भूमिका: फिलहाल स्थानीय पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन अभी तक आदिवासियों और सरकार के बीच कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है। Rungta Coal Mines









