Mining Mafia Beware! Chhattisgarh में अब Drones रखेंगे अवैध खनन पर पैनी नजर; Nava Raipur में बनेगा Hi-tech Control Room

Chhattisgarh Illegal Mining News: Mining Mafia Beware! Chhattisgarh में अब Drones रखेंगे अवैध खनन पर पैनी नजर; Nava Raipur में बनेगा Hi-tech Control Room, छत्तीसगढ़ में रेत और पत्थर के अवैध उत्खनन (Illegal Mining) पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार अब ‘आसमान’ से नजर रखने की तैयारी में है। सरकार ने एक ऐसा Master Plan तैयार किया है, जिससे अब खनन माफिया का बच निकलना नामुमकिन होगा। अब राज्य की खदानों की निगरानी इंसानों के भरोसे नहीं, बल्कि Advanced Drones के जरिए की जाएगी।
24×7 होगी निगरानी: दिन हो या रात, ड्रोन की रहेगी नजर
Mining Mafia Beware! अक्सर देखा गया है कि अवैध खनन का खेल रात के अंधेरे में सबसे ज्यादा होता है। अधिकारी जब तक मौके पर पहुँचते हैं, माफिया अपनी गाड़ियां और मशीनें लेकर फरार हो जाते हैं। इस समस्या को खत्म करने के लिए Chhattisgarh Mineral Development Corporation (CMDC) अब ड्रोन कैमरों का सहारा लेने जा रहा है।
Day & Night Surveillance: ये ड्रोन दिन के उजाले और रात के अंधेरे, दोनों समय हाई-क्वालिटी फुटेज कैप्चर कर सकेंगे।
DGCA से हाथ मिलाएगी सरकार: ड्रोन ऑपरेशन के लिए भारत सरकार की एजेंसी DGCA (Director General of Civil Aviation) द्वारा प्रमाणित एजेंसियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया जाएगा।
Nava Raipur में बनेगा ‘War Room’ (Control Room)
Mining Mafia Beware! इस पूरी योजना का केंद्र नवा रायपुर होगा। यहाँ एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जो सीधा सीएमडीसी और खनिज विभाग के अधीन होगा।
Live Tracking: ड्रोन से मिलने वाली हर लाइव लोकेशन और फुटेज सीधे इस कंट्रोल रूम के कंप्यूटर सिस्टम पर फ्लैश होगी।
Quick Action: जैसे ही कहीं अवैध गतिविधि दिखेगी, कंट्रोल रूम तुरंत नजदीकी खनिज विभाग की टीम को Alert करेगा, जिससे टीम कम से कम समय में मौके पर पहुँचकर कार्रवाई कर सके।
माफियाओं की अब खैर नहीं! (The Crackdown)
Mining Mafia Beware! भूतत्व एवं खनिकर्म के संचालक रजत बंसल ने बताया कि नई योजना का मुख्य उद्देश्य अवैध उत्खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करना है।
योजना की खास बातें:
Tenders Soon: अगले 10 से 15 दिनों के भीतर ड्रोन सेवाओं के लिए निविदा (Tender) जारी कर दी जाएगी।
Target Districts: शुरुआती फेज में उन जिलों पर फोकस किया जाएगा जहाँ रेत, पत्थर और मुरुम का अवैध उत्खनन सबसे ज्यादा होता है।
Real-time Evidence: ड्रोन फुटेज को कानूनी कार्रवाई में बतौर सबूत (Evidence) भी इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे दोषियों को सजा मिलना आसान होगा।



















