Donald Trump vs Judiciary: Trump का जजों पर बड़ा हमला: “ये लोग चीनी समर्थक हैं”, Supreme Court को दी खुली चेतावनी – क्या अब शुरू होगा असली Trade War?

Donald Trump vs Judiciary: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने आक्रामक तेवरों (aggressive stance) की वजह से सुर्खियों में हैं। इस बार उनके निशाने पर कोई विदेशी दुश्मन नहीं, बल्कि उनके अपने देश के ‘निचली अदालतों’ के जज हैं। ट्रंप ने उन जजों को “चीनी समर्थक” (Pro-China) करार दिया है जिन्होंने उनकी Tariff Policy के खिलाफ फैसला सुनाया है।
इतना ही नहीं, ट्रंप ने अब सीधे US Supreme Court को भी चेतावनी दे डाली है कि अगर फैसला उनके पक्ष में नहीं आया, तो भी वो रुकेंगे नहीं।
“जज बाहरी देशों के पक्षधर हैं” – ट्रंप के कड़े बोल
Donald Trump vs Judiciary: एक हालिया इवेंट में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने न्यायपालिका पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “मुझे पूरी उम्मीद है कि हम सुप्रीम कोर्ट में जीत हासिल करेंगे। लेकिन समस्या यह है कि सिस्टम में कुछ ऐसे लोग बैठे हैं जो असल में चीन समर्थक हैं। ये लोग बाहरी ताकतों के हितों (External Interests) के लिए काम कर रहे हैं और अमेरिका की तरक्की को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।”
ट्रंप का इशारा उन जजों की तरफ था जिन्होंने उनकी Global Tariff Policy को ‘अवैध’ बताते हुए उस पर रोक लगा दी थी।
Supreme Court का फैसला खिलाफ आया, तो क्या होगा?
Donald Trump vs Judiciary:ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वो जजों के आदेशों के आगे घुटने नहीं टेकेंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर Supreme Court का फैसला उनके पक्ष में नहीं आता है, तो भी उनके पास ‘Plan B’ तैयार है।
Alternative Methods: ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार टैरिफ लागू करने के वैकल्पिक तरीके (alternative ways) खोज लेगी।
No Stopping: उन्होंने साफ किया कि बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाना उनकी प्राथमिकता है और कोई भी अदालती फैसला उन्हें ऐसा करने से नहीं रोक सकता।
“हम अरबों डॉलर कमा रहे हैं” – व्यापार नीति का बचाव
Donald Trump vs Judiciary:अपनी Trade Policy को डिफेंड करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उनकी नीतियों की वजह से अमेरिका में ‘पैसों की बारिश’ हो रही है।
“हम टैरिफ के जरिए सैकड़ों अरबों डॉलर (hundreds of billions of dollars) कमा रहे हैं। हम अद्भुत काम कर रहे हैं जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरान है। विदेशी देश हमारा अध्ययन कर रहे हैं कि हम यह कैसे कर रहे हैं।”
20 जनवरी का वो घटनाक्रम: आखिर पेच कहाँ फंसा है?
Donald Trump vs Judiciary:20 जनवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने तीन बड़े फैसले सुनाए, लेकिन Global Tariff Policy की वैधता को लेकर चल रहे हाई-प्रोफाइल केस पर चुप्पी साधे रखी। कोर्ट ने यह भी नहीं बताया कि अगली सुनवाई कब होगी।
Donald Trump vs Judiciary:इस देरी पर ट्रंप ने चिंता जताते हुए कहा कि अगर सरकार यह केस हार जाती है, तो उसे टैरिफ के जरिए इकट्ठा किए गए अरबों डॉलर वापस करने पड़ सकते हैं, जो कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका होगा।
क्या यह सिर्फ शुरुआत है?
Donald Trump vs Judiciary:निचली अदालतों के झटकों और सुप्रीम कोर्ट की अनिश्चितता ने ट्रंप के Trade Agenda पर सस्पेंस बढ़ा दिया है। हालांकि, ट्रंप के तेवरों से साफ है कि वो पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। आने वाले दिनों में व्हाइट हाउस और न्यायपालिका के बीच यह टकराव और भी तीखा हो सकता है।



















