LIVE UPDATE
स्वास्थ्य

Private Hospital Pharmacy Rules: Big Relief! अब Private Hospitals में दवा खरीदने की मजबूरी खत्म: सरकार ने जारी किया कड़ा आदेश, बोर्ड लगाना हुआ Mandatory

Private Hospital Pharmacy Rules: Chhattisgarh Healthcare News: अगर आप या आपके परिजन किसी प्राइवेट अस्पताल (Private Hospital) में इलाज करा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अक्सर देखा जाता है कि अस्पताल मैनेजमेंट मरीजों के परिजनों पर दबाव बनाता है कि दवाइयां अस्पताल के अंदर वाली Pharmacy से ही खरीदी जाएं। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा!

Private Hospital Pharmacy Rules: छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) ने निजी अस्पतालों की इस मनमानी पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा आदेश जारी किया है।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

क्या है नया नियम? (What is the New Order?)

Private Hospital Pharmacy Rules: औषधि नियंत्रक (Drug Controller) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब किसी भी प्राइवेट अस्पताल के लिए यह अनिवार्य नहीं होगा कि मरीज वहीं से दवा खरीदे।

  • Mandatory Signboard: हर प्राइवेट अस्पताल को अपने मेडिकल स्टोर के बाहर एक बोर्ड लगाना होगा, जिस पर साफ-साफ लिखा होगा— “दवाई यहाँ से खरीदना अनिवार्य नहीं है” (Buying medicines from here is not mandatory).

  • No Pressure: डॉक्टर्स या स्टाफ मरीजों के अटेंडेंट्स को उनके अधिकृत (Authorized) मेडिकल स्टोर से ही दवा लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे।

क्यों लिया गया यह फैसला? (Reason behind the move)

Private Hospital Pharmacy Rules: दरअसल, रायपुर समेत प्रदेश भर से ऐसी कई शिकायतें मिल रही थीं कि अस्पताल के डॉक्टर जो दवाइयां लिखते हैं, वे सिर्फ अस्पताल के अंदर की दुकानों पर ही मिलती हैं।

  1. MRP का खेल: अस्पताल की दुकानों में दवाइयां अक्सर पूरी MRP पर बेची जाती हैं, जबकि बाहर के स्टोर्स पर मरीजों को अच्छा डिस्काउंट मिल सकता है।

  2. Monopoly: अस्पतालों और दवा दुकानों के बीच की ‘सेटिंग’ की वजह से मरीजों की जेब पर भारी बोझ पड़ता था।

  3. Local Sellers’ Concern: रायपुर जिला दवा विक्रेता संघ (Raipur Drug Sellers Association) के अध्यक्ष विनय कृपलानी और अन्य पदाधिकारियों ने भी इस पर आपत्ति जताई थी कि इससे बाहर के छोटे दवा विक्रेताओं का बिजनेस प्रभावित हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला (Supreme Court Guidelines)

Private Hospital Pharmacy Rules: यह आदेश सामाजिक कार्यकर्ता वासुदेव जोतवानी की शिकायत और Supreme Court के पुराने निर्देशों को आधार बनाकर जारी किया गया है। कोर्ट का मानना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं में पारदर्शिता होनी चाहिए और मरीजों को उनकी पसंद के अनुसार दवा खरीदने का पूरा अधिकार (Consumer Rights) मिलना चाहिए।

शिकायत कहाँ करें? (How to Complain?)

Private Hospital Pharmacy Rules: अगर रायपुर या छत्तीसगढ़ के किसी भी अस्पताल में आपको अंदर से ही दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है या अस्पताल ने सूचना बोर्ड नहीं लगाया है, तो आप सीधे औषधि विभाग (Drug Department) के कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सहायक औषधि नियंत्रकों (Assistant Drug Controllers) को इस पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

Dr. Tarachand Chandrakar

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE