
CG Bank Fraud: छत्तीसगढ़ जिला सहकारी बैंकों में ₹58.98 करोड़ का बड़ा घोटाला, किसानों की मेहनत की कमाई पर डाका!, छत्तीसगढ़ के जिला सहकारी बैंक (District Cooperative Banks) इन दिनों वित्तीय अनियमितताओं और गबन के केंद्र बन गए हैं। ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, जनवरी 2024 से जनवरी 2026 के बीच बैंक की विभिन्न शाखाओं में भ्रष्टाचार के लगभग 31 गंभीर मामले उजागर हुए हैं। इन घोटालों में कुल 5898.99 लाख रुपये (लगभग 59 करोड़ रुपये) की भारी हेराफेरी का अनुमान लगाया गया है।
किसानों पर पड़ी सबसे ज्यादा मार
सहकारी बैंकों का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, लेकिन यहाँ हुए घोटालों ने सबसे ज्यादा नुकसान अन्नदाताओं को ही पहुँचाया है। जांच में सामने आया है कि बैंक कर्मचारियों और प्रबंधन की मिलीभगत से गरीब किसानों के खातों में सेंध लगाई गई। करोड़ों के इस गबन ने बैंकिंग व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

वसूली की रफ्तार सुस्त: ‘ऊंट के मुंह में जीरा’
इतने बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार के बावजूद, अब तक की गई वसूली की राशि बेहद कम है। विभागीय जानकारी के अनुसार, दोषी अधिकारी-कर्मचारियों से अब तक केवल 242 लाख रुपये ही वसूले जा सके हैं। ₹58 करोड़ से ज्यादा के गबन के सामने यह वसूली नगण्य मानी जा रही है।
दोषियों पर कड़ा प्रहार: 13 सेवा से पृथक, 8 निलंबित
CG Bank Fraud:गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है:

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13 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त (Dismissed) कर दिया गया है।
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8 कर्मचारियों को निलंबित (Suspended) किया गया है।
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कुल 26 मामलों की जांच अभी भी प्रक्रियाधीन है।
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कई मामलों में पुलिस में एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई है।
किन शाखाओं में हुई कितनी गड़बड़ी? (मुख्य आंकड़े)
CG Bank Fraud:घोटाले की फेहरिस्त में कुछ शाखाओं के नाम प्रमुखता से उभरे हैं:
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कुसमी/शंकरगढ़ शाखा: ₹2647 लाख
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बरमकेला शाखा: ₹1813.30 लाख
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सीओडी (COD) शाखा: ₹419.30 लाख
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राजपुर शाखा: ₹306.98 लाख
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नवागढ़ शाखा: ₹197.98 लाख
(नोट: सभी आंकड़े लाख रुपये में हैं)
धोखाधड़ी के तरीके: कैसे दिया गया गबन को अंजाम?
CG Bank Fraud:जांच में खुलासा हुआ है कि जालसाजों ने कई तरह के हथकंडे अपनाकर बैंक को चूना लगाया:
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फर्जी ऋण (KCC): किसानों के जमीन के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर उनके नाम पर फर्जी केसीसी लोन लिया गया।
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बचत खातों से फर्जी आहरण: ग्राहकों के खातों से बिना जानकारी के पैसे निकाले गए।
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मृतकों के नाम पर लूट: मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी तरीके से राशि का आहरण किया गया।
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एटीएम फ्रॉड: फर्जी चेक के जरिए एटीएम से राशि निकाली गई।
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सामग्री खरीद में घोटाला: तिरपाल और सुतली जैसी सामग्रियों की खरीदी में भारी भ्रष्टाचार किया गया।
झूठी शिकायतों का भी खुलासा
CG Bank Fraud:जांच के दौरान तीन मामले ऐसे भी पाए गए जो पूरी तरह झूठे थे। इनमें कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और मृत व्यक्ति के नाम पर पैसे निकालने जैसे आरोप लगाए गए थे, लेकिन जांच के बाद इन्हें आधारहीन मानकर खारिज कर दिया गया।
अपेक्स बैंक का पक्ष: ‘दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा’
अपेक्स बैंक के अध्यक्ष केदार नाथ गुप्ता ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह घोटाले लंबे समय से चले आ रहे थे। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में किसी भी घोटालेबाज को बख्शा नहीं जाएगा। बैंक के सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। कुसमी और अंबिकापुर में हुए बड़े घोटालों की जांच ईओडब्ल्यू (EOW) और उच्च स्तरीय समितियों से कराई जा रही है।”
CG Bank Fraud:छत्तीसगढ़ के जिला सहकारी बैंकों में हुआ यह घोटाला बैंकिंग प्रणाली के भीतर छिपे भ्रष्टाचार को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि सरकार कब तक सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजती है और किसानों की डूबी हुई रकम वापस मिल पाती है या नहीं।
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