प्रतिबंधित बियर बेचने पर आबकारी विभाग का सख्त एक्शन, सेल्समैन ब्लैकलिस्ट और कंपनी पर भारी जुर्माना

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में मदिरा प्रेमियों की सेहत और नियमों के साथ खिलवाड़ करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकान में प्रतिबंधित ‘सुपर स्ट्रांग 7 हिल्स’ बियर बेचने के आरोप में विभाग ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है।
सेल्समैन सेवा से पृथक, प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस
प्रतिबंधित बियर बेचने पर आबकारी विभाग का सख्त एक्शन,राजनांदगांव की प्रीमियम शराब दुकान में नियमों को ताक पर रखकर बियर बेचने के मामले में मुख्य विक्रयकर्ता कैलाश देवांगन को दोषी पाया गया है। आबकारी विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देवांगन को सेवा से बर्खास्त करने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही, दुकान का संचालन करने वाली एजेंसी ‘राजदीप इंटरप्राइजेस’ के प्रबंधक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद प्रतिबंधित ब्रांड की बिक्री करना गंभीर लापरवाही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हुई जांच
प्रतिबंधित बियर बेचने पर आबकारी विभाग का सख्त एक्शन,इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर ‘सुपर स्ट्रांग 7 हिल्स’ बियर कैन से संबंधित एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो का संज्ञान लेते हुए प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी, अभिषेक तिवारी ने टीम गठित कर मदिरा दुकान का भौतिक सत्यापन कराया। जांच के दौरान स्टॉक और बिक्री रजिस्टर में भारी विसंगतियां पाई गईं।
भविष्य की तारीख और लेबल के पीछे छिपा ‘खेल’
प्रतिबंधित बियर बेचने पर आबकारी विभाग का सख्त एक्शन,जांच में जो तथ्य सामने आए वे चौंकाने वाले थे। जब्त की गई बियर कैन पर निर्माण तिथि 15 अक्टूबर 2025 और वैधता 13 अप्रैल 2026 अंकित थी, जो तकनीकी और कानूनी रूप से असंभव है। इसके अलावा, जब ‘सुपर स्ट्रांग 7 हिल्स’ के लेबल को हटाया गया, तो उसके नीचे ‘गोल्डन प्राइड प्रीमियम लेजर बियर’ का पुराना लेबल प्रिंट मिला। यह सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और ब्रांड की री-लेबलिंग का मामला है।
निर्माता कंपनी पर ₹1.5 लाख का दंड और प्रतिबंध
आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर ने इस धांधली के लिए निर्माता कंपनी ‘मेसर्स माइकल ब्रेवरीज प्राइवेट लिमिटेड’ को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना है। नियमों के उल्लंघन और गलत ब्रांडिंग के लिए कंपनी पर कुल 1.5 लाख रुपये का जुर्माना (शास्ति और अर्थदंड) लगाया गया है। साथ ही, विभाग ने उक्त बियर की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है और कंपनी को बाजार से अपनी सभी अविक्रित पेटियां वापस लेने का सख्त आदेश दिया है।
विभाग की चेतावनी: नियमों की अनदेखी पर होगी जेल
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की किसी भी मदिरा दुकान में अगर प्रतिबंधित या संदिग्ध गुणवत्ता वाली मदिरा बेची जाती है, तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब नियमित रूप से स्टॉक की औचक जांच कर रहा है ताकि राजस्व और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



















