
बिलासपुर: सावधान! ई-चालान का एक क्लिक और बैंक खाता साफ: बिलासपुर में ट्रेन मैनेजर से 2.85 लाख की साइबर ठगी, डिजिटल युग में जहाँ सुविधाएँ बढ़ी हैं, वहीं साइबर अपराधियों के नए-नए पैंतरे भी सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में ठगों ने ‘ई-चालान’ के नाम पर एक रेलवे कर्मचारी के बैंक खाते में सेंध लगा दी। महज कुछ ही मिनटों के भीतर ठगों ने ट्रेन मैनेजर के खाते से 2.85 लाख रुपये पार कर दिए। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ई-चालान का झांसा और मोबाइल हैकिंग का जाल
सावधान! ई-चालान का एक क्लिक और बैंक खाता साफ:घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है। सांई भूमि कॉलोनी के निवासी विवेक कुमार, जो बिलासपुर रेलवे कंट्रोल रूम में ट्रेन मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। 7 मार्च की रात उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें ‘ओवर स्पीडिंग’ (तेज रफ्तार) के कारण ई-चालान कटने की बात कही गई थी।
सावधान! ई-चालान का एक क्लिक और बैंक खाता साफ:मैसेज में एक संदिग्ध लिंक दिया गया था। जैसे ही विवेक ने चालान की जानकारी लेने के लिए उस लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल और ई-मेल आईडी ठगों के नियंत्रण में चला गया। हालांकि लिंक क्लिक करने पर उन्हें कोई चालान राशि नहीं दिखी, लेकिन तब तक उनका फोन हैक हो चुका था।
मात्र 11 मिनट में चार बड़े ट्रांजेक्शन
सावधान! ई-चालान का एक क्लिक और बैंक खाता साफ:साइबर अपराधियों ने बड़ी चालाकी से वारदात को अंजाम दिया। 8 मार्च की रात करीब 2:46 बजे, जब पीड़ित सो रहे थे, ठगों ने उनके आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक से लिंक अमेजन पे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया।
ठगों ने मात्र 11 मिनट के अंतराल में चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए:
पहला ट्रांजेक्शन: 75,000 रुपये
दूसरा ट्रांजेक्शन: 75,000 रुपये
तीसरा ट्रांजेक्शन: 70,000 रुपये
चौथा ट्रांजेक्शन: 65,000 रुपये
सावधान! ई-चालान का एक क्लिक और बैंक खाता साफ:इस तरह कुल 2 लाख 85 हजार रुपये पीड़ित के खाते से निकालकर किसी अन्य अकाउंट (म्यूल अकाउंट) में ट्रांसफर कर दिए गए।
पकड़े न जाने के लिए बदली ई-मेल आईडी
सावधान! ई-चालान का एक क्लिक और बैंक खाता साफ:ठगों ने इस पूरी वारदात में तकनीकी चतुराई का परिचय दिया। उन्होंने विवेक के फोन का एक्सेस मिलते ही उनकी असली ई-मेल आईडी को हटाकर अपनी फर्जी आईडी लिंक कर दी। ऐसा इसलिए किया गया ताकि बैंक ट्रांजेक्शन से जुड़े ‘अलर्ट मैसेज’ या ई-मेल विवेक को न मिल सकें और उन्हें ठगी का तुरंत पता न चले।
पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई
सावधान! ई-चालान का एक क्लिक और बैंक खाता साफ:जब विवेक को सुबह इस भारी भरकम कटौती का पता चला, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया और तोरवा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान:
अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें: ई-चालान या किसी भी सरकारी विभाग के नाम से आने वाले संदिग्ध लिंक पर कभी क्लिक न करें।
आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें: चालान भुगतान के लिए हमेशा परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (Parivahan) का ही उपयोग करें।
ओटीपी और पिन साझा न करें: बैंक कभी भी फोन पर आपसे गोपनीय जानकारी नहीं मांगता।
तुरंत रिपोर्ट करें: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।



















