Raigarh Dam Breach News: बिलासपुर जलाशय का हिस्सा टूटा, कई गांवों में घुसा पानी; किसानों में बढ़ी दहशत!

Raigarh Dam Breach News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां के भूपदेवपुर स्थित बिलासपुर जलाशय (Bilaspur Reservoir) का एक हिस्सा बीती रात अचानक टूट गया। डैम टूटने की वजह से भारी मात्रा में पानी रिहायशी इलाकों और खेतों में घुस गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में Panic (दहशत) का माहौल बना हुआ है।
आखिर कैसे हुआ यह हादसा? (The Cause)
Raigarh Dam Breach News:मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम को कुछ स्थानीय किसानों ने अपनी फसलों की सिंचाई के लिए डैम के गेट को खोलने की कोशिश की थी। लेकिन पानी का Pressure (बहाव) इतना अधिक था कि गेट के पास का एक हिस्सा ही ढह गया।
Raigarh Dam Breach News:ग्रामीणों ने बताया कि डैम का गेट पहले से ही जर्जर स्थिति में था, जिसे बोरियां डालकर बंद किया गया था। पानी का दबाव बढ़ने के कारण वह जुगाड़ काम नहीं आया और रात भर पानी गांवों की ओर बहता रहा। शनिवार दोपहर तक स्थिति गंभीर बनी हुई थी और सड़कों के ऊपर से पानी बह रहा है।
इन गांवों पर मंडराया संकट (Affected Villages)
Raigarh Dam Breach News:बिलासपुर डैम से पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते रात भर में कई गांव जलमग्न होने की कगार पर आ गए। मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्र प्रभावित हुए हैं:
भूपदेवपुर (Bhupdevpur)
दर्री (Darri)
कीरतमाल (Kiratmal)
कुशवाबहरी (Kushvabahari)
डोंगीतराई और कोड़तराई
Raigarh Dam Breach News:इन इलाकों के किसान पूरी तरह से इसी जलाशय पर निर्भर हैं। यहां मुख्य रूप से धान, मूंगफली और मक्का की खेती की जाती है। अब पानी खेतों में भरने से फसलों के नुकसान का डर सता रहा है।
1975 में बना था यह Reservoir: एक नज़र इतिहास पर
Raigarh Dam Breach News:रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 18 किमी दूर स्थित इस जलाशय का निर्माण सन 1975-76 में हुआ था।
Water Source: इसमें पहाड़ों और प्रसिद्ध रामझरना (Ramjharna) के कुंड से पानी आता है।
Capacity: यह डैम लगभग 2 एकड़ में फैला है जिसकी भराव क्षमता 3 Million Cubic Meter है।
Current Level: हादसे के वक्त इसमें करीब 2.8 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मौजूद था, जिसकी गहराई लगभग 18 फीट है।
प्रशासन का क्या कहना है? (Official Statement)
Raigarh Dam Breach News:घटना की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। मौके पर पहुंचे सब डिवीजन ऑफिसर (SDO) दिलेश्वर पात्रे ने बताया कि:
“हमें रात में सूचना मिली कि ग्रामीणों द्वारा गेट खोलने के प्रयास में हिस्सा टूट गया है। टीम लगातार सुधार कार्य (Repair Work) में जुटी है। फिलहाल पानी के बहाव को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है ताकि गांवों को सुरक्षित रखा जा सके।”



















