सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रभारी DEO सस्पेंड, बिजली बिल राशि में गड़बड़ी का आरोप
छत्तीसगढ़ में सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जोईधा राम डहरिया को स्कूलों के बिजली बिल की राशि में वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनियमितता के एक मामले में सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जोईधा राम डहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

उन पर आरोप है कि महासमुंद जिले के बसना में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) रहते हुए उन्होंने सरकारी स्कूलों के बिजली बिल की राशि में गड़बड़ी की, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान हुआ। यह निलंबन आदेश 3 सितंबर 2026 को जारी किया गया है।
फिलहाल यह मामला विभागीय आदेश और आरोपों पर आधारित है, दोष अभी विभागीय जांच के दायरे में है।

क्या है पूरा मामला?
विभागीय आदेश के अनुसार, जोईधा राम डहरिया जब बसना में विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात थे, उसी दौरान शासकीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं के बिजली बिल की राशि में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया।
- पद: विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), बसना, महासमुंद (उस समय)
- आरोप: स्कूलों की बिजली बिल राशि में गड़बड़ी
- नतीजा: शासन को आर्थिक नुकसान होने का आरोप
- वर्तमान पद: प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, सारंगढ़-बिलाईगढ़
आदेश में इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता और गंभीर अनुशासनहीनता बताया गया है। साथ ही इस आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विरुद्ध कदाचार माना गया है।

किस नियम के तहत हुआ निलंबन?
स्कूल शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत यह निलंबन आदेश जारी किया है।
निलंबन आदेश की मुख्य बातें
- निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू
- निलंबन अवधि में मुख्यालय: कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा), रायपुर
- नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने का प्रावधान
- मामला अभी विभागीय जांच के अधीन
किसे मिला अतिरिक्त प्रभार?
डहरिया के निलंबन के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जिला शिक्षा अधिकारी के पद की जिम्मेदारी तत्काल तय कर दी गई है। नए DEO की नियुक्ति होने तक यह जिम्मेदारी अस्थायी तौर पर सौंपी गई है।
- अतिरिक्त प्रभार: लक्ष्मी नारायण पटेल
- वर्तमान पद: विकासखंड शिक्षा अधिकारी, खरसिया, जिला रायगढ़
- अतिरिक्त जिम्मेदारी: प्रभारी DEO, सारंगढ़-बिलाईगढ़
- विशेष अधिकार: छत्तीसगढ़ कोषालय संहिता भाग-01 के सहायक नियम 125 के तहत अस्थायी आहरण एवं संवितरण अधिकार
यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक जिले में नियमित जिला शिक्षा अधिकारी की पदस्थापना नहीं हो जाती।
आगे क्या होगा?
फिलहाल यह कार्रवाई विभागीय आदेश और प्रारंभिक आरोपों के आधार पर की गई है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आगे विस्तृत विभागीय जांच होने की उम्मीद है।
- मामले में अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के बाद ही आ सकेगा
- शिक्षा विभाग में वित्तीय अनुशासन को लेकर यह कार्रवाई एक बड़ा संकेत मानी जा रही है
- संबंधित अधिकारी पर आगे की कार्रवाई शासन के अगले निर्णय पर निर्भर करेगी









