छत्तीसगढ़ मंत्रालय में प्रशासनिक फेरबदल: श्रीकांत वर्मा समेत 3 अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदलीं

सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश से मंत्रालय के 3 अधिकारियों की पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार बदले। जानें श्रीकांत वर्मा, के.पी. दीवानगन और मंजूषा राजपूत को क्या मिला।
छत्तीसगढ़ सरकार ने मंत्रालय स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तीन अधिकारियों की पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार में बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत उप सचिव श्रीकांत वर्मा, अवर सचिव के.पी. दीवानगन और अवर सचिव मंजूषा राजपूत की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

इस आदेश का असर पंचायत एवं ग्रामीण विकास, गृह तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कामकाज पर पड़ेगा। आदेश पूरी तरह प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा है। इसमें किसी अधिकारी की पदोन्नति या सेवा से हटाए जाने का उल्लेख नहीं है।
किस अधिकारी को मिली कौन-सी जिम्मेदारी?
- श्रीकांत वर्मा (उप सचिव): उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त, अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार
- के.पी. दीवानगन (अवर सचिव): सामान्य प्रशासन विभाग के पूल से गृह विभाग में पदस्थ
- मंजूषा राजपूत (अवर सचिव): योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के साथ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का अतिरिक्त प्रभार
श्रीकांत वर्मा को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्रीकांत वर्मा अभी खनिज साधन विभाग में उप सचिव के पद पर हैं। इसके साथ उनके पास उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी था।
नए आदेश में उन्हें उच्च शिक्षा विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह अब वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। खनिज साधन विभाग में उनकी मौजूदा जिम्मेदारी पहले की तरह बनी रहेगी।
के.पी. दीवानगन अब गृह विभाग में
अवर सचिव के.पी. दीवानगन अब तक सामान्य प्रशासन विभाग के पूल में पदस्थ थे। यानी उन्हें किसी विशेष विभाग में नियमित काम नहीं सौंपा गया था। नए आदेश के मुताबिक उन्हें गृह विभाग में पदस्थ किया गया है।

आदेश में यह साफ नहीं किया गया है कि गृह विभाग की किस शाखा में उनकी तैनाती होगी या उन्हें कौन-सा विशेष कार्य दिया जाएगा।
मंजूषा राजपूत को खाद्य विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी
मंजूषा राजपूत मंत्रालय में अवर सचिव हैं और वर्तमान में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में पदस्थ हैं। आदेश के अनुसार उन्हें अपने मौजूदा कामकाज के साथ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
इसका मतलब है कि वे अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ-साथ खाद्य विभाग से जुड़े कामकाज को भी देखेंगी।
इस बदलाव का क्या मतलब है?
यह फेरबदल मुख्य रूप से अतिरिक्त प्रभार और पदस्थापना से जुड़ा है। तीनों मामलों में आदेश ने विभागीय कामकाज की जिम्मेदारी नए सिरे से तय की है।
- एक अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार बदला है (श्रीकांत वर्मा)
- एक अधिकारी को नई पदस्थापना मिली है (के.पी. दीवानगन)
- एक अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार जुड़ा है (मंजूषा राजपूत)
आगे क्या?
आदेश की प्रभावी तारीख और उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार अब किसे मिलेगा, इसकी जानकारी उपलब्ध सामग्री में नहीं है। इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।








