छत्तीसगढ़ में बड़ी सौगात: 30 किलोमीटर का सफर अब 3 में होगा पूरा, CM साय ने जुनवानी-चिखलीटोला सड़क को दी मंजूरी

छत्तीसगढ़ में बड़ी सौगात: 30 किलोमीटर का सफर अब 3 में होगा पूरा, CM साय ने जुनवानी-चिखलीटोला सड़क को दी मंजूरी
मुख्य बिंदु:-
बालोद जिले के वनांचल क्षेत्र में जुनवानी से चिखलीटोला तक पक्की सड़क बनेगी।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!3 किलोमीटर के रास्ते के लिए ग्रामीणों को 30 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “सुशासन तिहार” के अवसर पर 11.47 करोड़ की स्वीकृति दी।
इस सड़क से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी।
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के घने वनांचल क्षेत्र में बसे ग्रामीणों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दशकों का इंतजार और संघर्ष अब खत्म होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जुनवानी से चिखलीटोला तक की पथरीली और कच्ची सड़क को पक्का बनाने के लिए मंजूरी दे दी गई है। यह सड़क बन जाने से 3 किलोमीटर की दूरी के लिए 30 किलोमीटर का लंबा और कष्टदायक सफर अब बीते दिनों की बात हो जाएगी।30 किलोमीटर का सफर अब 3 में होगा पूरा
एक सड़क का संघर्ष: 30 किलोमीटर का चक्कर
बालोद जिले के डौण्डी वनांचल क्षेत्र में स्थित जुनवानी और चिखलीटोला गांव के बीच की वास्तविक दूरी महज 3 किलोमीटर है। लेकिन यह रास्ता पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ होने के कारण लगभग अनुपयोगी था। ग्रामीणों को, चाहे बाजार जाना हो, किसानों को अपनी उपज बेचनी हो या बच्चों को स्कूल भेजना हो, उन्हें 30 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता था। इससे न केवल उनका कीमती समय बर्बाद होता था, बल्कि आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। ग्रामीण हरिश्चंद्र नायक बताते हैं कि इस रास्ते को श्रमदान से चलने लायक बनाया गया था, और इसे पक्का करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी।30 किलोमीटर का सफर अब 3 में होगा पूरा
CM विष्णुदेव साय की पहल, सुशासन तिहार में मिली मंजूरी
ग्रामीणों की इस बड़ी समस्या को समझते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “सुशासन तिहार” के दौरान एक ऐतिहासिक फैसला लिया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण के लिए 11 करोड़ 47 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि से न केवल एक पक्की सड़क का निर्माण होगा, बल्कि यह इस पिछड़े क्षेत्र में विकास और समृद्धि के नए द्वार भी खोलेगी।30 किलोमीटर का सफर अब 3 में होगा पूरा
विकास की नई राह: ग्रामीणों के लिए कैसे बदलेगी दुनिया?
यह सड़क सिर्फ दो गांवों को नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की तकदीर को जोड़ेगी। इसके बनने से निम्नलिखित बड़े फायदे होंगे:
समय और पैसे की बचत: 30 किलोमीटर का सफर अब मिनटों में तय होगा, जिससे ग्रामीणों का समय और ईंधन का खर्च बचेगा।
किसानों को लाभ: किसान अपनी फसल और सब्जियों को आसानी से और समय पर नजदीकी बाजारों तक पहुंचा सकेंगे।
बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा: मरीजों को आपात स्थिति में अस्पताल तक और बच्चों को स्कूल तक पहुंचने में सुगमता होगी।
समग्र विकास: पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस के अनुसार, यह सड़क क्षेत्र के लिए विकास की धमनी साबित होगी, जिससे व्यापार और अन्य सुविधाओं का विस्तार होगा।
ग्रामीणों में खुशी की लहर, मुख्यमंत्री का जताया आभार
सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने की खबर से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने उनके वर्षों के संघर्ष को सम्मान देने और उनकी मांग पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है। यह सड़क महज़ एक रास्ता नहीं, बल्कि वनांचल क्षेत्र के निवासियों के लिए उम्मीद और बेहतर भविष्य का प्रतीक है।30 किलोमीटर का सफर अब 3 में होगा पूरा



















