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रायपुर

अविनाश एलीगेंस: मजदूरों की मौत पर प्रशासन का रवैया सवालों के घेरे में

रायपुर। राजधानी के वीआईपी रोड स्थित अविनाश एलीगेंस परियोजना में हुए हादसे ने मजदूरों की सुरक्षा और प्रशासन की निष्क्रियता को उजागर कर दिया है। निर्माणाधीन इमारत में सेंटिंग गिरने से दो मजदूरों की जान चली गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। इसके बावजूद, बिल्डर और उसके प्रबंधन पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

मामले की पूरी जानकारी

  1. हादसे का विवरण
    • घटना अविनाश एलीगेंस प्रोजेक्ट की है, जहां ढलाई के दौरान सेंटिंग गिरने से मलबा मजदूरों पर गिरा।
    • दो मजदूरों की मौत और चार घायल होने के बाद भी बिल्डर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
    • घायल मजदूरों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का कोई उल्लेख नहीं है।
  2. जांच में देरी और पक्षपात
    • एफआईआर केवल प्रोजेक्ट मैनेजर, इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ दर्ज हुई है।
    • बिल्डर और कंपनी के निदेशकों को जांच के दायरे से बाहर रखा गया है।
    • घटना स्थल पर किसी को जाने की अनुमति नहीं, जिससे साक्ष्य मिटाने की आशंका है।
  3. बिल्डिंग गुणवत्ता और श्रम कानूनों का उल्लंघन
    • जल्दबाजी में निर्माण कार्य होने से इमारत की गुणवत्ता और मजदूरों की सुरक्षा दोनों पर असर पड़ा।
    • बिल्डर ने प्रोजेक्ट को 30 मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है, जिसके चलते श्रम कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा है।
    • निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अविनाश एलीगेंस: मजदूरों की मौत पर प्रशासन का रवैया सवालों के घेरे में

अशोका बिरयानी और अविनाश एलीगेंस: दोहरे मानदंड

  • अशोका बिरयानी हादसे में पुलिस और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मालिक समेत छह लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया।
  • मृतकों के परिवारों को मुआवजा और आजीवन गुजारा भत्ता दिलवाया गया।
  • वहीं, अविनाश एलीगेंस मामले में बिल्डर पर कोई कार्रवाई नहीं, जो सत्ताधारी दल के प्रभाव का संकेत देता है।

प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल

  • बिल्डर को जांच के दायरे से बाहर रखना और मामले की जांच को धीमा करना प्रशासनिक निष्क्रियता को दर्शाता है।
  • मजदूरों की सुरक्षा के प्रति सरकार और प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
  • मृतकों के परिजनों को न्याय और मुआवजा दिलाने के लिए जनआंदोलन की आवश्यकता है। अविनाश एलीगेंस: मजदूरों की मौत पर प्रशासन का रवैया सवालों के घेरे में

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Nidar Chhattisgarh Desk

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