निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का कड़ा प्रहार; फीस वसूली और ‘किताब सिंडिकेट’ का पर्दाफाश

निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का कड़ा प्रहार;छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक शोषण के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। शहर के नामी स्कूलों के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस जांच अभियान में निजी स्कूलों की कई बड़ी गड़बड़ियां उजागर हुई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच के घेरे में शहर के 3 बड़े स्कूल: नोटिस और जुर्माना जारी
जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने शहर के तीन प्रमुख निजी शिक्षण संस्थानों की विस्तृत जांच की:
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न्यू डीपीएस स्कूल (New DPS School)
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ओरिएंटल पब्लिक स्कूल (Oriental Public School)
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कार्मेल स्कूल (Carmel School)
जांच के दौरान यह पाया गया कि ये स्कूल सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर अभिभावकों से अतिरिक्त फीस वसूल रहे थे। नियमों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितताओं के चलते प्रशासन ने इन स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और भारी जुर्माना भी लगाया है।
महंगी किताबों का बोझ: एक ही दुकान से खरीदारी का दबाव
निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का कड़ा प्रहार;प्रशासनिक जांच में एक और बड़ा खुलासा ‘किताबों के सिंडिकेट’ को लेकर हुआ है। जांच टीम को सबूत मिले हैं कि स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों पर एक विशेष दुकान— एमपी डिपार्टमेंटल स्टोर से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा था।
इसके अलावा, शिक्षा विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कि स्कूलों में NCERT की किफायती किताबें अनिवार्य होनी चाहिए, ये स्कूल निजी प्रकाशकों (Private Publishers) की महंगी किताबें पढ़ा रहे थे। निजी प्रकाशकों की इन किताबों की कीमतें बाजार दर से कई गुना अधिक पाई गई हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था।
प्रशासन की चेतावनी: शिक्षा के नाम पर ‘लूट’ नहीं होगी बर्दाश्त
निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का कड़ा प्रहार;जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से सभी निजी स्कूलों को स्पष्ट संदेश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार और सरकारी नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन की आगामी योजना:
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शहर के अन्य निजी स्कूलों की भी गोपनीय जांच की जाएगी।
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फीस वृद्धि के लिए निर्धारित समिति की मंजूरी अनिवार्य होगी।
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किताबों और यूनिफॉर्म के लिए किसी विशेष वेंडर को प्रमोट करने पर मान्यता रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है।
निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का कड़ा प्रहार;अभिभावकों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगेगा। यदि आपके पास भी ऐसी किसी गड़बड़ी की जानकारी है, तो आप जिला शिक्षा कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।









