
टक्कर के बाद नहीं खुले Toyota कार के एयरबैग्स, अब कंपनी को देने होंगे 61 लाख रुपये; जानें पूरा मामला. महंगी गाड़ियां खरीदते समय हम सबसे ज्यादा भरोसा उनके सेफ्टी फीचर्स पर करते हैं, लेकिन क्या हो अगर मुसीबत के समय यही फीचर्स धोखा दे जाएं? छत्तीसगढ़ में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक भीषण दुर्घटना के दौरान टोयोटा (Toyota) कार के एयरबैग्स नहीं खुले। अब उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को जोरदार झटका देते हुए पीड़ित को 61 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
सड़क हादसे में बाल-बाल बची जान, लेकिन नहीं खुले एयरबैग
यह पूरा मामला कोरबा जिले का है। सीतामढ़ी निवासी अमित अग्रवाल अपने भाई सुमित अग्रवाल की इनोवा कार से रायपुर से कोरबा लौट रहे थे। ग्राम तरदा के पास सामने से आ रही गाड़ी को बचाने के चक्कर में उनकी कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अमित गंभीर रूप से घायल हो गए। हैरानी की बात यह रही कि इतनी भीषण दुर्घटना के बावजूद कार का एक भी एयरबैग (Airbag) नहीं खुला, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए सबसे अहम होता है।टक्कर के बाद नहीं खुले Toyota कार के एयरबैग्स
लाखों का इलाज और कंपनी की लापरवाही
हादसे में घायल अमित को इलाज के लिए रायपुर और फिर हैदराबाद ले जाना पड़ा, जहां उनके इलाज में लाखों रुपये खर्च हुए। एयरबैग न खुलने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके बाद कार मालिक सुमित अग्रवाल ने कार निर्माता कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। जिला आयोग ने पहले ही कंपनी की गैर-मौजूदगी में फैसला सुनाते हुए नई गाड़ी की कीमत और इलाज के 36.53 लाख रुपये देने का आदेश दिया था।टक्कर के बाद नहीं खुले Toyota कार के एयरबैग्स
कंपनी ने दी दलील, लेकिन आयोग ने नहीं माना
जिला आयोग के फैसले के खिलाफ कार कंपनी ने छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग, बिलासपुर में अपील दायर की। कंपनी ने तर्क दिया कि इंश्योरेंस कंपनी ने मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये दिए हैं और एयरबैग न खुलने पर कोई विशेषज्ञ रिपोर्ट नहीं है। हालांकि, पीड़ित पक्ष के वकील नूतन सिंह ठाकुर ने इन दलीलों का कड़ा विरोध किया।टक्कर के बाद नहीं खुले Toyota कार के एयरबैग्स
राज्य आयोग का ऐतिहासिक फैसला: ‘सेफ्टी फीचर फेल होना मैनुफैक्चरिंग डिफेक्ट है’
छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कंपनी की दलीलों को खारिज कर दिया। आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि ग्राहक अपनी सुरक्षा के लिए महंगी कार खरीदता है। सर्वेयर रिपोर्ट और कार को हुए नुकसान को देखते हुए आयोग ने माना कि इतनी भीषण टक्कर में एयरबैग का न खुलना “निर्माण दोष” (Manufacturing Defect) है।टक्कर के बाद नहीं खुले Toyota कार के एयरबैग्स
आयोग ने टोयोटा कंपनी को आदेश दिया है कि वह पीड़ित सुमित अग्रवाल को इलाज का खर्च और कार की कीमत मिलाकर कुल 61 लाख 36 हजार रुपये का भुगतान करे। यह फैसला उन सभी कार कंपनियों के लिए एक सबक है जो सुरक्षा मानकों में कोताही बरतती हैं।टक्कर के बाद नहीं खुले Toyota कार के एयरबैग्स



















