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इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मृत कर्मचारी की सेवा रिकॉर्ड में बड़ी सजा होने पर अनुकंपा नियुक्ति नहीं

पदोन्नति मिलने के बाद सेवा रिकॉर्ड असंतोषजनक नहीं माना जा सकता: हाईकोर्ट

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि यदि किसी मृत कर्मचारी के सेवा रिकॉर्ड में मृत्यु के समय बड़ी सजा दर्ज है, तो उसके कानूनी उत्तराधिकारी को अनुकंपा नियुक्ति का हक नहीं मिलेगा। हालांकि, यदि बड़ी सजा केवल एक निश्चित अवधि तक प्रभावी रही और उसके बाद सेवा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा, तो यह नियुक्ति में बाधा नहीं बनेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मृत कर्मचारी की सेवा रिकॉर्ड में बड़ी सजा होने पर अनुकंपा नियुक्ति नहीं

अनुकंपा नियुक्ति आवेदन खारिज होने पर हाईकोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता

याचिकाकर्ता के पिता को 2 वर्षों की बड़ी सजा दी गई थी, लेकिन बाद में पदोन्नति देकर उन्हें ब्रांच मैनेजर और फिर डिप्टी ब्रांच हेड बनाया गया।

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पिता की मृत्यु के बाद, याचिकाकर्ता ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन इसे सेवा रिकॉर्ड असंतोषजनक बताकर अस्वीकार कर दिया गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मृत कर्मचारी की सेवा रिकॉर्ड में बड़ी सजा होने पर अनुकंपा नियुक्ति नहीं

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस अजय भनोट ने अपने फैसले में कहा:
✔️ 2017 में अनुकंपा नियुक्ति नीति में संशोधन किया गया था।
✔️ यदि कर्मचारी की सेवा के दौरान बड़ी सजा लगी थी और वह मृत्यु के समय सेवा रिकॉर्ड में मौजूद रही, तो कानूनी उत्तराधिकारी अनुकंपा नियुक्ति के हकदार नहीं होंगे।
✔️ लेकिन यदि सजा का प्रभाव समाप्त हो गया था और पदोन्नति दी गई थी, तो नियुक्ति रोकी नहीं जा सकती। इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मृत कर्मचारी की सेवा रिकॉर्ड में बड़ी सजा होने पर अनुकंपा नियुक्ति नहीं

अधिकारियों को आवेदन पर पुनर्विचार का निर्देश

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के पिता को बाद में पदोन्नति मिली थी, इसलिए सजा का प्रभाव समाप्त हो चुका था। इस आधार पर अनुकंपा नियुक्ति को अस्वीकार करना गलत था।

कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि वे याचिकाकर्ता के आवेदन पर पुनर्विचार करें और नियमों के अनुसार उचित निर्णय लें। इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मृत कर्मचारी की सेवा रिकॉर्ड में बड़ी सजा होने पर अनुकंपा नियुक्ति नहीं

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