
Ambikapur School Brutality:अंबिकापुर के एक निजी स्कूल से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जहाँ शिक्षा के मंदिर में एक मासूम बच्चे के साथ बेरहमी की सारी हदें पार कर दी गईं। पढ़ाई के नाम पर एक 12 साल के छात्र को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उसके शरीर पर नीले निशान पड़ गए और खून जम गया।
क्या है पूरा मामला? (The Shocking Incident)
Ambikapur School Brutality:घटना शहर के प्रतापपुर रोड स्थित होली होम एकेडमी (Holy Home Academy) की है। यहाँ कक्षा 6वीं में पढ़ने वाले विजय चौधरी के 12 वर्षीय बेटे के साथ स्कूल प्रशासन ने क्रूरता की। बताया जा रहा है कि 29 जनवरी को स्कूल के दौरान पढ़ाई को लेकर छात्र पर 13 डंडे (13 Stick Blows) बरसाए गए।
Ambikapur School Brutality:जब बच्चा स्कूल से घर पहुँचा, तो उसकी हालत देख माता-पिता के होश उड़ गए। बच्चे के पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों पर डंडों के गहरे निशान थे और अंदरूनी चोट की वजह से खून जम (Blood Clots) गया था। परिजनों ने तुरंत बच्चे को अस्पताल पहुंचाया और उसका प्राथमिक उपचार कराया।
DEO ने बिठाई जांच: 3 सदस्यीय टीम करेगी खुलासा
Ambikapur School Brutality:छात्र के पिता ने चुप रहने के बजाय इस हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई और सीधे जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दिनेश झा से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए DEO ने तुरंत एक्शन लिया है।
Inquiry Committee Details:
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें शामिल हैं:
मीना पुरोहित: प्राचार्य, शासकीय उमावि खलिबा।
संजीव कुमार सिंह: प्राचार्य, शासकीय उमावि सरगवां।
अनिता दान: प्राचार्य, सकालो हाई स्कूल।
Ambikapur School Brutality:DEO ने जांच टीम को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत स्कूल जाकर छात्र और उसके परिजनों से बात करें और जल्द से जल्द अपनी Investigation Report सौंपें।
क्यों सवालों के घेरे में है ‘Holy Home Academy’?
Ambikapur School Brutality:यह घटना स्कूलों में Corporal Punishment (शारीरिक दंड) पर लगे बैन की धज्जियां उड़ाती है।
Physical Abuse: क्या 13 डंडे मारना शिक्षा का हिस्सा है?
Medical Evidence: पिता ने खून के निशान वाली तस्वीरें और मेडिकल रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है।
Teacher’s Conduct: आखिर एक शिक्षक इतना हिंसक कैसे हो सकता है?
आगे क्या होगा? (Next Steps)
Ambikapur School Brutality:जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा ने साफ कर दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी शिक्षक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई (Strict Action) की जाएगी।
Public Opinion: सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि स्कूलों को “Torture Centers” बनने से रोकना होगा। क्या आपको लगता है कि ऐसे स्कूलों की मान्यता तुरंत रद्द कर देनी चाहिए?



















