विधानसभा शीतकालीन सत्र: भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना, वन नेशन वन इलेक्शन और अन्य मुद्दों पर उठाए सवाल

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने “वन नेशन वन इलेक्शन” की अवधारणा को लेकर सवाल खड़े किए और इसे सरकार की विफलता बताया। साथ ही पंचायत चुनाव और चुनावी प्रक्रिया में असंगति पर भी चर्चा की। विधानसभा शीतकालीन सत्र: भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना, वन नेशन वन इलेक्शन और अन्य मुद्दों पर उठाए सवाल
वन नेशन वन इलेक्शन पर बघेल के सवाल
भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार 15 अगस्त को लाल किले से “वन नेशन वन इलेक्शन” की बात करती है, लेकिन हकीकत में चुनाव अलग-अलग कराए जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव एक साथ हुए थे, लेकिन चार राज्यों के चुनाव अलग-अलग कराए गए। उन्होंने सवाल किया कि अगर कोई सरकार बीच में गिर जाए, तो इस मॉडल का क्या होगा? साथ ही पंचायत चुनाव के भविष्य पर भी चिंता जताई। विधानसभा शीतकालीन सत्र: भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना, वन नेशन वन इलेक्शन और अन्य मुद्दों पर उठाए सवाल
विजय दिवस की अनदेखी और बैग विवाद पर प्रतिक्रिया
सत्र के दौरान प्रियंका गांधी के बैग को लेकर हुए विवाद पर भूपेश बघेल ने कहा कि “16 दिसंबर को विजय दिवस था, लेकिन इस पर सदन में कोई चर्चा नहीं हुई।” उन्होंने कहा कि यह दिन 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण का प्रतीक है, लेकिन इस पर चर्चा के बजाय बैग जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया गया। उन्होंने इसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया। विधानसभा शीतकालीन सत्र: भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना, वन नेशन वन इलेक्शन और अन्य मुद्दों पर उठाए सवाल
बिना स्वीकृति और टेंडर के पुल निर्माण पर सवाल
भूपेश बघेल ने सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति और टेंडर के पुल-पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि “PHE मंत्री अरुण साव ने खुद स्वीकार किया है कि दो ठेकेदारों को बुलाकर बिना टेंडर के काम सौंपा गया।” उन्होंने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया और इसे गंभीर मामला करार दिया। विधानसभा शीतकालीन सत्र: भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना, वन नेशन वन इलेक्शन और अन्य मुद्दों पर उठाए सवाल



















