Balrampur News: वन भूमि से अतिक्रमण हटाना पड़ा महंगा, रेंजर और वनकर्मियों पर ग्रामीणों का जानलेवा हमला

Balrampur News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र के पंडरी गांव में अवैध कब्जा हटाने गई वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में रेंजर समेत कई कर्मचारी घायल हुए हैं। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
रातों-रात खड़ी कर दी गई थीं दुकानें, कार्रवाई करने पहुँची थी टीम
Balrampur News: पूरा विवाद पंडरी गांव के केनवारी क्षेत्र का है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ ग्रामीणों ने वन विभाग की सुरक्षित भूमि पर रातों-रात कब्जा कर वहां दुकानें और अन्य अस्थायी निर्माण कर लिए थे। जैसे ही इसकी भनक वन विभाग को लगी, रेंजर शिवनाथ ठाकुर के नेतृत्व में टीम अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची।
एक घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, रेंजर से की मारपीट
Balrampur News: जैसे ही वन विभाग की टीम ने बुलडोजर और अन्य माध्यमों से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की, ग्रामीण उग्र हो गए। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया। ग्रामीणों ने न केवल सरकारी काम में बाधा डाली, बल्कि रेंजर और अन्य वन कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की। करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे में कई अधिकारियों को चोटें आई हैं।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला
Balrampur News: घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस बल के मौके पर पहुँचने के बाद ही ग्रामीणों को पीछे धकेला जा सका और स्थिति नियंत्रण में आई। अधिकारियों के साथ हुई इस अभद्रता के बाद वन विभाग और प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है।
DFO की चेतावनी: दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा
Balrampur News: इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएफओ (DFO) आलोक वाजपेयी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों पर हमला और शासकीय कार्य में बाधा डालना एक गंभीर अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मारपीट और अभद्रता करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान की जा रही है और उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



















