भोपाल कॉल सेंटर ठगी मामला: TI समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, पुलिस की मिलीभगत उजागर

भोपाल: साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई, पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर ठगी के कॉल सेंटर मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। ऐशबाग थाना प्रभारी (TI) जितेंद्र गढ़वाल समेत 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने मामले में सबूतों के आधार पर यह सख्त कार्रवाई की। पहले से ही ASI पवन रघुवंशी को लाइन अटैच किया जा चुका था।
? कॉल सेंटर पर छापेमारी, 100 कंप्यूटर और 29 सिम जब्त
? मुख्य आरोपी अफजल खान और उसकी बेटी साहिबा खान पर केस दर्ज
? पुलिसकर्मियों की कॉल सेंटर संचालकों से मिलीभगत उजागर
? जांच जारी, अन्य संदिग्धों की तलाश तेज भोपाल कॉल सेंटर ठगी मामला: TI समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, पुलिस की मिलीभगत उजागर
कैसे हुई साइबर ठगी, कॉल सेंटर पर क्यों मारा गया छापा?
भोपाल के प्रभात चौराहे के पास संचालित कॉल सेंटर में मुख्य आरोपी अफजल खान लोगों को मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाता था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने कॉल सेंटर पर छापा मारा, जिसमें –
✅ 100 से ज्यादा कंप्यूटर जब्त
✅ कई मोबाइल और 29 सिम कार्ड बरामद
✅ 50 बैंक खातों की जानकारी उजागर
आरोपी अफजल खान और उसकी बेटी साहिबा खान के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। भोपाल कॉल सेंटर ठगी मामला: TI समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, पुलिस की मिलीभगत उजागर
TI समेत 4 पुलिसकर्मियों की संलिप्तता कैसे उजागर हुई?
जांच के दौरान यह सामने आया कि ऐशबाग TI जितेंद्र गढ़वाल और तीन अन्य पुलिसकर्मी कॉल सेंटर संचालकों के साथ मिले हुए थे। जब पुलिस कमिश्नर को इसके पुख्ता सबूत मिले, तो तत्काल सस्पेंशन का आदेश जारी कर दिया गया।
– ASI पवन रघुवंशी पहले ही लाइन अटैच किया जा चुका था
– TI जितेंद्र गढ़वाल समेत 4 पुलिसकर्मियों को किया गया निलंबित
– मामले की गहन जांच जारी, अन्य संदिग्धों पर भी कड़ी नजर
पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा?
पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने साफ कहा कि –
– साइबर अपराधों की जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
– पुलिस महकमे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी
– आगे भी इस तरह की गड़बड़ियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे भोपाल कॉल सेंटर ठगी मामला: TI समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, पुलिस की मिलीभगत उजागर
भोपाल में साइबर ठगी पर क्यों उठ रहे सवाल?
यह घटना भोपाल में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
– अगर पुलिस ही ठगों से मिली होगी, तो जनता की सुरक्षा कौन करेगा?
– क्या इस कार्रवाई से पुलिस की साख मजबूत होगी?
– आगे ठगों के खिलाफ और कितनी सख्त कार्रवाई होगी?
लोगों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद साइबर ठगी पर लगाम लगेगी और पुलिस विभाग में सुधार होगा। भोपाल कॉल सेंटर ठगी मामला: TI समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, पुलिस की मिलीभगत उजागर



















