रायपुर
भूपेश बघेल और विवेक ढांड को ED द्वारा तलब किए जाने की संभावना, पूर्व मुख्यमंत्री की सेंट्रल जेल में दस्तक और शराब घोटाले की चर्चा

रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में सेंट्रल जेल रायपुर में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की है। लखमा को ईडी ने शराब घोटाले के आरोप में जेल भेजा था, और बघेल की इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में कई चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। भूपेश बघेल और विवेक ढांड को ED द्वारा तलब किए जाने की संभावना, पूर्व मुख्यमंत्री की सेंट्रल जेल में दस्तक और शराब घोटाले की चर्चा
क्या थी भूपेश बघेल और लखमा की मुलाकात?
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कवासी लखमा से ईडी रिमांड के दौरान पूछे गए सवालों पर जानकारी इकट्ठा की।
- सूत्रों के अनुसार, बघेल ने लखमा को आने वाली जांचों और ईडी की पूछताछ के तरीके के बारे में आगाह किया और संभावित सवालों पर चर्चा की।
- बघेल ने देवेन्द्र यादव से भी जेल में मुलाकात की और उनकी स्थिति का जायजा लिया। भूपेश बघेल और विवेक ढांड को ED द्वारा तलब किए जाने की संभावना, पूर्व मुख्यमंत्री की सेंट्रल जेल में दस्तक और शराब घोटाले की चर्चा
भूपेश बघेल ने क्या कहा?
- बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कवासी लखमा और देवेन्द्र यादव को जबरदस्ती फंसाया गया है।
- उन्होंने यह भी दावा किया कि भा.ज.पा. ने एक राजनीतिक साजिश के तहत उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराने की कोशिश की है।
- सोशल मीडिया पर बघेल ने लिखा, “यह तानाशाही सरकार जनहित की आवाजों को खामोश करना चाहती है, लेकिन अंत में सत्य की जीत होगी।” भूपेश बघेल और विवेक ढांड को ED द्वारा तलब किए जाने की संभावना, पूर्व मुख्यमंत्री की सेंट्रल जेल में दस्तक और शराब घोटाले की चर्चा
क्या हो सकता है अगले कदम?
- सूत्रों के अनुसार, ईडी द्वारा कवासी लखमा के पुत्र हरीश लखमा और उनके ओएसडी से पूछताछ के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व चीफ सेक्रेटरी विवेक ढांड को भी तलब किया जा सकता है।
- ईडी की जांच में दोनों की कार्यप्रणाली और दस्तावेज़ी साक्ष्यों की समीक्षा की जा रही है, और उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। भूपेश बघेल और विवेक ढांड को ED द्वारा तलब किए जाने की संभावना, पूर्व मुख्यमंत्री की सेंट्रल जेल में दस्तक और शराब घोटाले की चर्चा
राजनीतिक हलचल: क्या है शराब घोटाले का सच?
- शराब घोटाले में आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी और समर्थक ही शामिल हैं, जबकि अन्य कांग्रेस नेताओं का इससे कोई संबंध नहीं है।
- राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बघेल ने एक आपराधिक गिरोह बनाया था जो सरकारी खजाने में गड़बड़ी करता था, जबकि कांग्रेस के अधिकांश नेता अपनी पार्टी की मजबूती में जुटे रहे। भूपेश बघेल और विवेक ढांड को ED द्वारा तलब किए जाने की संभावना, पूर्व मुख्यमंत्री की सेंट्रल जेल में दस्तक और शराब घोटाले की चर्चा
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