बिलासपुर
शराब और प्लेसमेंट कंपनी में ठगी का बड़ा मामला: 20 लाख की धोखाधड़ी, अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

शराब और प्लेसमेंट कंपनी में ठगी का बड़ा मामला: 20 लाख की धोखाधड़ी, अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
बिलासपुर: आबकारी विभाग में प्लेसमेंट कंपनी के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। सुपरवाइजर और सेल्समैन पद पर नौकरी का झांसा देकर आठ बेरोजगार युवाओं से 20 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि ठगी में प्लेसमेंट कंपनी के दलाल पवन सिंह, रंजीत सिंह उर्फ लड्डू, और नरेंद्र सिंह पासवान के साथ-साथ तखतपुर शराब दुकान सुपरवाइजर साखी लाल की संदिग्ध भूमिका है।शराब और प्लेसमेंट कंपनी में ठगी का बड़ा मामला
ठगी का पूरा मामला: कैसे हुआ युवाओं को शिकार?

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1. नौकरी का झांसा:
- तखतपुर शराब दुकान के सुपरवाइजर साखी लाल ने बेरोजगार युवाओं को बताया कि उन्हें आबकारी विभाग की शराब दुकानों में सुपरवाइजर और सेल्समैन की नौकरी दी जाएगी।
- इसके साथ ही यह वादा भी किया गया कि नौकरी जल्द ही स्थायी (सरकारी) हो जाएगी।
2. नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की वसूली:
- नौकरी दिलाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से 2 से 2.5 लाख रुपये मांगे गए।
- युवाओं ने कुल मिलाकर 20 लाख रुपये पवन सिंह, रंजीत सिंह और साखी लाल के माध्यम से जमा किए।
3. काम शुरू करने के बाद भी वेतन नहीं:
- अक्टूबर 2024 में सभी आठ युवाओं को अलग-अलग शराब दुकानों में काम पर लगाया गया।
- 45 दिनों तक काम करने के बावजूद किसी को वेतन नहीं मिला।
- बाद में उन्हें यह कहते हुए नौकरी से हटा दिया गया कि उनका नाम कंपनी के पे रोल में दर्ज नहीं है।
अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका:
- पीड़ितों का कहना है कि नौकरी की प्रक्रिया के दौरान लिए गए पैसे का कुछ हिस्सा बड़े अधिकारियों को चढ़ावे के रूप में दिया गया।
- इन नियुक्तियों के दौरान तत्कालीन सहायक आयुक्त दिनकर वासनिक के कार्यकाल में यह घोटाला हुआ।
- दिनकर वासनिक के स्थानांतरण के बाद नए सहायक आयुक्त ने प्लेसमेंट कंपनी के जिला प्रतिनिधि रंजीत सिंह को हटा दिया।
पीड़ितों का आरोप:
- पीड़ितों ने कहा कि पवन सिंह, रंजीत सिंह उर्फ लड्डू, नरेंद्र सिंह पासवान, और साखी लाल ने मिलकर उनसे पैसे वसूले।
- उन्होंने बताया कि कंपनी के नए प्रतिनिधि अपूर्व मिश्रा ने उन्हें बिना जानकारी के नौकरी से बाहर कर दिया।
- 45 दिनों का वेतन और नौकरी के लिए दिए गए पैसे अब तक वापस नहीं मिले।
लिखित शिकायत और कार्रवाई की मांग
- पीड़ितों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है।
- मांग की गई है कि सुपरवाइजर साखी लाल और अन्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- पीड़ितों ने यह भी मांग की है कि 20 लाख रुपये की ठगी का पैसा वापस दिलाया जाए।
ठगी के शिकार युवाओं की सूची:
| नाम | राशि (रुपये) |
| उत्तम ध्रुव (बंधुपारा, तखतपुर) | 1 लाख |
| डिकेश्वर साहू (पडियाईन) | 2 लाख |
| प्रसन्नजीत बंजारे | 2.5 लाख |
| प्रमोद चंद्रवंशी | 1.7 लाख |
| धर्मेंद्र कुमार | 2 लाख |
| अजय बारमते | 2.5 लाख |
| भूपेश ओगरे | 1.6 लाख |
| यशवंत जायसवाल | 1.5 लाख |
यह मामला आबकारी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और बेरोजगार युवाओं के शोषण को उजागर करता है। पीड़ित युवाओं ने न्याय के लिए गुहार लगाई है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।शराब और प्लेसमेंट कंपनी में ठगी का बड़ा मामला



















