दुर्ग पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: ऑनलाइन सट्टे के लिए फर्जी खातों का जाल बिछाने वाले 3 मास्टरमाइंड गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस की बड़ी स्ट्राइक:छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे और अवैध वित्तीय लेन-देन के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। फर्जी बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का हेरफेर करने वाले गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 19 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
कैसे हुआ इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश?
इस पूरे मामले की शुरुआत 31 दिसंबर 2025 को हुई थी, जब प्रार्थी अविनाश दुबे ने पदमनाभपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि कुछ लोग भोले-भले व्यक्तियों के नाम पर फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवा रहे हैं। इन खातों के एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और चेकबुक जैसे संवेदनशील दस्तावेज हासिल कर उन्हें मुंबई भेजा जा रहा था, ताकि ऑनलाइन बैटिंग (सट्टा) एप्स में अवैध रूप से पैसों का लेन-देन किया जा सके।
3 मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
दुर्ग पुलिस की बड़ी स्ट्राइक:पुलिस ने इस मामले में गहन छानबीन करते हुए भारतीय न्याय संहिता और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पहले हुई 16 गिरफ्तारियों के बाद, अब पुलिस ने गिरोह के तीन सह-प्रमुख किरदारों— कुश, रितेश राय और महेंद्र सिंह ठाकुर को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जब्त सामान: एटीएम कार्ड से लेकर नकली पिस्टल तक
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद की है, जिसमें शामिल हैं:
22 एटीएम कार्ड
10 चेक बुक और 8 पासबुक
5 मोबाइल फोन और 4 सिम कार्ड
एक नकली पिस्टल और हिसाब-किताब का रजिस्टर
जांच में यह भी सामने आया है कि इन फर्जी खातों के माध्यम से अब तक करोड़ों रुपये का अवैध ट्रांजैक्शन किया जा चुका है।
तकनीकी विश्लेषण से मिली सफलता
दुर्ग पुलिस की बड़ी स्ट्राइक:पदमनाभपुर पुलिस की टीम ने इस मामले को सुलझाने के लिए आधुनिक तकनीकी विश्लेषण और सतत निगरानी का सहारा लिया। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले नेटवर्क की कमर टूटेगी।
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से विशेष अपील
इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता के लिए चेतावनी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि:
अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड किसी भी अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें।
लालच में आकर दूसरों के लिए खाता न खुलवाएं।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।
दुर्ग पुलिस की बड़ी स्ट्राइक:याद रखें, फर्जी बैंक खातों के माध्यम से होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि में खाताधारक को भी कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
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