
Opium Smuggling Bust: Durg Police Opium Smuggling Case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का ‘कड़ा प्रहार’ जारी है। अफीम की अवैध खेती (Illegal Opium Farming) और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ते हुए दुर्ग पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। इस ताज़ा कार्रवाई में राजस्थान के दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
होटल और ढाबे में चल रहा था ‘काली कमाई’ का खेल
Opium Smuggling Bust: पुलिस के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क Bemetara-Simga Road पर स्थित ढाबों और होटलों से ऑपरेट किया जा रहा था। गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान रणछोड़ राम उर्फ रणजीत और सुनील देवासी के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं लेकिन बेमेतरा के ग्राम कठिया में ठिकाना बनाकर तस्करी कर रहे थे।
बरामदगी: कैश, मोबाइल और ‘चुक्की’ बनाने की मशीन
Opium Smuggling Bust: पुलिस की छापेमारी (Police Raid) के दौरान इन तस्करों के पास से काफी कुछ बरामद हुआ है:
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304 ग्राम अफीम डोडा (चुक्की)
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1 लाख 29 हजार रुपये कैश (अवैध बिक्री से कमाए गए)
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अफीम पीसने वाली मिक्सी (चुक्की बनाने के लिए इस्तेमाल)
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स्मार्टफोन्स (नेटवर्क से जुड़े साक्ष्य के लिए जब्त)
कैसे हुआ इस बड़े Network का पर्दाफाश?
Opium Smuggling Bust: इस मामले की शुरुआत तब हुई जब दुर्ग पुलिस ने पहले ही 4 आरोपियों (विकास बिश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष और छोटू राम) को सलाखों के पीछे भेजा था। पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान विकास बिश्नोई ने खुलासा किया कि वे अवैध अफीम को ढाबों और होटलों में छिपाकर रखते थे।
Opium Smuggling Bust: इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने श्री रामदेव होटल और राजस्थानी हाईवे ढाबा पर रेड की, जहां से इन दो नए आरोपियों को पकड़ा गया। अब तक इस केस में कुल 6 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
Modus Operandi: तस्करी का तरीका
Opium Smuggling Bust: तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे राजस्थान से अफीम लाकर छत्तीसगढ़ के स्थानीय इलाकों में खपाते थे। होटलों के कमरों को गोदाम की तरह इस्तेमाल किया जाता था ताकि किसी को शक न हो। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इनके तार और किन-किन बड़े माफियाओं से जुड़े हैं।
दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई से ड्रग माफियाओं में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा मुक्ति अभियान के तहत यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी।









