
बिलासपुर में सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनाने का झांसा देकर 70 वर्षीय बुजुर्ग के खाते से नौ बार में 11.29 लाख रुपये निकाले गए। पुलिस जांच कर रही है।
बिलासपुर में पेंशन कार्ड के नाम पर बुजुर्ग से 11.29 लाख की साइबर ठगी
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है। सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर ठगों ने 70 साल के एक बुजुर्ग के बैंक खाते से 11 लाख 29 हजार रुपये निकाल लिए।

शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। अब तक किसी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है और जांच जारी है।
यह मामला याद दिलाता है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर “सरकारी” या “बैंकिंग” विज्ञापन पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।

फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुई ठगी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग ने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें ICICI बैंक का लोगो लगा था। विज्ञापन में सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनाने की बात कही गई थी।
भरोसा करके बुजुर्ग ने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद कथित तौर पर कार्ड बनाने की प्रक्रिया के नाम पर उनसे ये जानकारियां ली गईं:

- पैन कार्ड की जानकारी
- बैंक खाते का ब्योरा
- एटीएम से जुड़ी जानकारी
नौ बार में खाते से निकले 11.29 लाख रुपये
संवेदनशील बैंकिंग जानकारी हाथ लगने के बाद ठगों ने खाते को निशाना बनाया। रकम एक साथ नहीं, बल्कि नौ अलग-अलग लेनदेन में निकाली गई। कुल निकासी 11 लाख 29 हजार रुपये की है।
खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने के बाद ही ठगी का पता चला और मामला पुलिस तक पहुंचा।
पुलिस की कार्रवाई: अब तक क्या हुआ?
- सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
- पुलिस ठगों की पहचान और लोकेशन का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
- आरोपियों के बारे में फिलहाल कोई पुष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
बुजुर्ग क्यों बनते हैं आसान निशाना?
साइबर ठग अक्सर ऐसे लालच या सुविधा का सहारा लेते हैं, जो बुजुर्गों से जुड़ी हो, जैसे पेंशन, कार्ड या सरकारी योजना। बैंक का लोगो देखकर लोग विज्ञापन को असली मान लेते हैं। डिजिटल प्रक्रियाओं की कम जानकारी होने से ऐसे लोग जल्दी भरोसा कर बैठते हैं।
ऐसी ठगी से बचने के लिए क्या करें?
- सोशल मीडिया विज्ञापन के लिंक पर क्लिक करके कभी बैंक या पेंशन की जानकारी न भरें।
- पैन, खाता नंबर, एटीएम डिटेल, OTP, CVV या PIN किसी के साथ साझा न करें।
- किसी सेवा के लिए सीधे बैंक की शाखा या आधिकारिक वेबसाइट/ऐप से ही संपर्क करें।
- परिवार के किसी जागरूक सदस्य से सलाह लिए बिना ऑनलाइन फॉर्म न भरें।
- ठगी का शक होते ही तुरंत बैंक को सूचित करें, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, रकम रोकने की संभावना उतनी बेहतर रहती है।
आगे क्या होगा?
पुलिस जांच में यह देखा जाएगा कि रकम किन खातों में गई और ठगी के पीछे कौन लोग हैं। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है।









