बिलासपुर
काली रात में कोयले की कालाबाजारी का काला खेल – प्रशासन बेबस

रतनपुर-बिलासपुर मार्ग पर अवैध कोयला कारोबार का पर्दाफाश
बिलासपुर: रतनपुर और बिलासपुर मार्ग पर कोयले की अवैध कालाबाजारी ने प्रशासन की निष्क्रियता और मिलीभगत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रसूखदार राजनेताओं के संरक्षण और पुलिस-खनिज विभाग की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है।
- रात के अंधेरे में कोयला माफिया सक्रिय हो जाते हैं।
- सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। काली रात में कोयले की कालाबाजारी का काला खेल – प्रशासन बेबस
डिपो में मिलावट कर चल रहा अवैध कारोबार
सूत्रों के अनुसार, कोयले की कालाबाजारी में गिट्टी और मिट्टी मिलाकर घटिया गुणवत्ता का कोयला बेचा जा रहा है।
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- माँ तारा कोल डिपो (साधीपारा, रतनपुर) और कश्यप कोल डिपो (बगदेवा, मौर्या कोल रोड) जैसे स्थानों पर यह अवैध धंधा चलता है।
- रातभर ट्रकों की आवाजाही से अवैध खरीद-फरोख्त होती है। काली रात में कोयले की कालाबाजारी का काला खेल – प्रशासन बेबस
प्रशासन पर सवाल: मिलीभगत या लापरवाही?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन को इस अवैध कारोबार की पूरी जानकारी है, लेकिन वे जानबूझकर अनदेखा कर रहे हैं।
- मौर्या कोल डिपो का संचालक फरार है, लेकिन पुलिस अभी तक उसे पकड़ने में नाकाम रही है।
- जिम्मेदार अफसरों की चुप्पी से मिलीभगत की आशंका बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों को हो रही परेशानियां
- ट्रकों की आवाजाही से यातायात बाधित होता है।
- दुर्घटनाओं की संभावना लगातार बढ़ रही है।
- प्रदूषण और धूल के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। काली रात में कोयले की कालाबाजारी का काला खेल – प्रशासन बेबस
स्थानीय जनता की मांग: अवैध कारोबार पर कार्रवाई हो
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- कोल माफियाओं पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
- डिपो पर नियमित निरीक्षण और निगरानी सुनिश्चित की जाए।
- दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो। काली रात में कोयले की कालाबाजारी का काला खेल – प्रशासन बेबस



















