CG Vyapam Recruitment 2025: CG Vyapam Exam Analysis: छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं से पूछे गए रोचक सवाल, जानें कैसा रहा पेपर का स्तर

CG Vyapam Recruitment 2025: CG Vyapam Exam Analysis: छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं से पूछे गए रोचक सवाल, जानें कैसा रहा पेपर का स्तर, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) द्वारा हाल ही में जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट के रिक्त पदों के लिए लिखित परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस परीक्षा में छत्तीसगढ़ के सामान्य ज्ञान, विशेषकर यहाँ की लोक कला और जनजातीय परंपराओं से जुड़े ऐसे सवाल पूछे गए, जिन्होंने कई अभ्यर्थियों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
बरसाइत चौका और अगरिया जनजाति: परीक्षा के आकर्षण का केंद्र
CG Vyapam Recruitment 2025: प्रश्न पत्र में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को विशेष प्राथमिकता दी गई थी। परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रमुख और चुनौतीपूर्ण सवाल इस प्रकार थे:
बरसाइत चौका पर्व: यह पर्व कब मनाया जाता है? (विशेषज्ञों के अनुसार, इसे वट सावित्री व्रत के रूप में भी जाना जाता है)।
अगरिया जनजाति: यह जनजाति किसकी उपासना करती है?
लोक संस्कृति: लोक गीतों के संचार की परंपरा और उनके महत्व पर आधारित प्रश्न।
समसामयिकी (Current Affairs): वर्ष 2025 का ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति सम्मान’ किसे दिया गया?
इतिहास और भूगोल: कंडेल नहर सत्याग्रह और महानदी की सहायक नदियों से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल।
अभ्यर्थियों का फीडबैक: कंप्यूटर और गणित ने थोड़ा उलझाया
CG Vyapam Recruitment 2025: परीक्षा देकर निकले उम्मीदवारों ने पेपर के स्तर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है।
कवर्धा और भिलाई के परीक्षार्थियों के अनुसार: सामान्य ज्ञान और छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़े सवाल काफी रोचक और हल करने योग्य थे।
कठिनाई का स्तर: अधिकांश छात्रों ने कंप्यूटर के प्रश्नों को थोड़ा जटिल बताया, वहीं कुछ परीक्षार्थियों के लिए गणित (Maths) का सेक्शन समय लेने वाला और कठिन रहा। कुल मिलाकर पेपर का स्तर ‘मॉडरेट’ (औसत) माना जा रहा है।
परीक्षा केंद्र पर अनुशासन: देरी से पहुँचने पर नहीं मिला प्रवेश
CG Vyapam Recruitment 2025: व्यापम की इस परीक्षा में सुरक्षा और अनुशासन के कड़े प्रबंध देखे गए। कई केंद्रों पर गहन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया गया। हालांकि, कुछ परीक्षार्थी निर्धारित समय के बाद केंद्र पर पहुँचे, जिसके कारण उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट किया था कि समय का पालन अनिवार्य है।
विशेष जनजातियों पर फोकस
CG Vyapam Recruitment 2025: प्रश्न पत्र में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित विशेष पिछड़ी जनजातियों से संबंधित सवाल भी शामिल थे। यह दर्शाता है कि CG Vyapam की परीक्षाओं में राज्य के जनजातीय इतिहास और सरकारी योजनाओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती जा रही है।



















