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Chhatrapati Shivaji Maharaj Play ‘Jaanta Raja’: 15 Seconds की Reels के दौर में 3 घंटे का जादू, आखिर क्या है इसकी Success का राज?

 जानिए क्यों 15-second Reels के दौर में 3 घंटे का नाटक ‘Jaanta Raja’ सुपरहिट है। निर्देशक योगेश गजानन शिरोले ने साझा किए 22 वर्षों के अनुभव और नाटक के पीछे के अनसुने सच।Chhatrapati Shivaji Maharaj Play ‘Jaanta Raja’

Chhatrapati Shivaji Maharaj Play ‘Jaanta Raja’: आजकल के Digital Era में जहाँ लोगों का Attention Span सिर्फ 15-30 सेकंड की Instagram Reels तक सिमट गया है, वहां एक 3 घंटे का नाटक दर्शकों को अपनी सीट से बांधे रखता है। हम बात कर रहे हैं ऐतिहासिक महानाटक ‘जाणता राजा’ (Jaanta Raja) की, जिसका मंचन इन दिनों रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में हो रहा है।

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Chhatrapati Shivaji Maharaj Play ‘Jaanta Raja’: इस भव्य नाटक के पीछे की मेहनत और इसके ‘Impact’ को समझने के लिए इसके निर्देशक योगेश गजानन शिरोले ने खास बातचीत की। योगेश पिछले 22 वर्षों से इस प्ले से जुड़े हैं।

200 कलाकार और जीवंत इतिहास (The Grand Scale)

Chhatrapati Shivaji Maharaj Play ‘Jaanta Raja’: ‘जाणता राजा’ कोई साधारण नाटक नहीं है। 1985 से लगातार चल रहे इस Historical Mega Play में लगभग 200 कलाकार हिस्सा लेते हैं। स्टेज पर केवल इंसान ही नहीं, बल्कि घोड़े और हाथी भी नजर आते हैं, जो दर्शकों को सीधा 17वीं शताब्दी के मराठा साम्राज्य में ले जाते हैं।

Chhatrapati Shivaji Maharaj Play ‘Jaanta Raja’: निर्देशक योगेश शिरोले बताते हैं कि, “इतने बड़े लेवल पर मैनेजमेंट के लिए ‘अनुशासन’ (Discipline) और ‘टीमवर्क’ सबसे जरूरी है। हर कलाकार को उसकी जिम्मेदारी पता होती है, जिससे मंचन के दौरान सब कुछ Smoothली चलता है।”

Massive Set: 4 दिन में खड़ा होता है ‘किला’

Chhatrapati Shivaji Maharaj Play ‘Jaanta Raja’: इस नाटक का सबसे बड़ा आकर्षण इसका Multilevel Fort Set है।

  • Evolution of Tech: पहले इस भव्य सेट को तैयार करने में 10-12 दिन लगते थे, लेकिन अब Modern Technology की मदद से यह काम केवल 4 दिन में हो जाता है।

  • Sound & Light Magic: नाटक की आत्मा इसकी 4-track Digital Recording और dynamic lighting है। जब घोड़े दौड़ते हैं, तो उनकी आवाज़ उसी दिशा से आती है, जिससे पूरा सीन ‘Real’ लगता है।

No Barriers: जात-पात से ऊपर ‘शिवाजी महाराज’ के आदर्श

Chhatrapati Shivaji Maharaj Play ‘Jaanta Raja’: अक्सर लोग इसे किसी विशेष समुदाय का नाटक समझते हैं, लेकिन योगेश इसे सिरे से नकारते हैं। उन्होंने कहा, “शिवाजी महाराज पूरे राष्ट्र के नायक हैं। हमारे दल में हर धर्म और समुदाय के कलाकार हैं। यहाँ सिलेक्शन का आधार केवल ‘गुणवत्ता’ (Quality) है, जो महाराज का भी आदर्श था।”

Reels के ज़माने में 3 घंटे का ‘Craze’ क्यों?

Chhatrapati Shivaji Maharaj Play ‘Jaanta Raja’: जब उनसे पूछा गया कि आज के Fast-paced दौर में लोग 3 घंटे कैसे बैठते हैं? तो उन्होंने बहुत खूबसूरती से जवाब दिया:

“यही शिवाजी महाराज के चरित्र की शक्ति है। दर्शक उनसे भावनात्मक (Emotionally) रूप से जुड़े हुए हैं। उनका जीवन, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम आज भी हर भारतीय के दिल में जोश भर देता है।”

Dr. Tarachand Chandrakar

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