Chhattisgarh Paddy Procurement News: छत्तीसगढ़ धान खरीदी विवाद: 21 क्विंटल का वादा लेकिन 17 पर खरीदी? रायगढ़ में सड़कों पर उतरे किसान

Chhattisgarh Paddy Procurement News: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के महाअभियान के बीच किसानों का आक्रोश फूट पड़ा है। राज्य सरकार ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट नजर आ रही है। रायगढ़ जिले में ‘अनावरी रिपोर्ट’ (Anavari Report) के आधार पर धान की मात्रा कम किए जाने से नाराज किसानों ने कई जगहों पर चक्काजाम कर दिया है।
Chhattisgarh Paddy Procurement News: किसानों का आरोप है कि उन्हें 21 क्विंटल के बजाय कहीं 16 तो कहीं 17 क्विंटल का ही टोकन दिया जा रहा है, जिससे उनकी मेहनत की कमाई पर संकट मंडरा रहा है।
अनावरी रिपोर्ट बनी गले की फांस: क्या है पूरा विवाद?
Chhattisgarh Paddy Procurement News: धान खरीदी की प्रक्रिया में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने पटवारियों द्वारा तैयार की गई ‘अनावरी रिपोर्ट’ (फसल की पैदावार का अनुमान) को आधार बनाया है।
Chhattisgarh Paddy Procurement News: नियम के मुताबिक, यदि किसी किसान के खेत में पैदावार 20 क्विंटल हुई है, लेकिन अनावरी रिपोर्ट में उसे 16 क्विंटल दर्ज किया गया है, तो सरकारी पोर्टल पर उसका टोकन केवल 16 क्विंटल के हिसाब से ही कट रहा है। इसी ‘तकनीकी पेंच’ की वजह से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
टेण्डा नवापारा में चक्काजाम: बड़े किसानों ने खोला मोर्चा
Chhattisgarh Paddy Procurement News: सोमवार को रायगढ़ के टेण्डा नवापारा में किसानों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब उन्हें पता चला कि 26 दिसंबर के बाद से खरीदी की लिमिट घटा दी गई है। किसानों ने धान उपार्जन केंद्र के सामने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
किसानों के प्रमुख आरोप:
भेदभावपूर्ण नीति: किसानों का कहना है कि शुरुआती दिनों में छोटे किसानों से 21 क्विंटल के मान से धान खरीदा गया, लेकिन अब बड़े किसानों (5-10 एकड़ से अधिक वाले) के लिए नियम बदल दिए गए हैं।
सत्यापन में देरी: बड़े किसानों के धान का भौतिक सत्यापन करने के नाम पर टोकन जारी करने में जानबूझकर देरी की जा रही है।
लिमिट में कटौती: स्टॉक में धान होने के बावजूद पोर्टल पर मात्रा कम दिखाई जा रही है।
जमरगी-डी और कापू केंद्रों में भी तनाव का माहौल
Chhattisgarh Paddy Procurement News: सिर्फ टेण्डा नवापारा ही नहीं, बल्कि जमरगी-डी और कापू खरीदी केंद्रों में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
जमरगी-डी: यहाँ किसानों को 21 क्विंटल का टोकन जारी होने के बावजूद केवल 18 क्विंटल धान लाने को कहा गया। विरोध स्वरूप किसानों ने अपनी गाड़ियां मंडी के बाहर खड़ी कर दीं।
कापू केंद्र: यहाँ भी खरीदी की सीमा को लेकर अधिकारियों और किसानों के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज की खबरें सामने आई हैं। कई केंद्रों पर बिना हस्ताक्षर वाले ‘आदेश पत्र’ चस्पा कर दिए गए हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
किसानों की मांग: “वादा निभाए सरकार”
Chhattisgarh Paddy Procurement News: आक्रोशित किसानों की मांग है कि सरकार ने जो 21 क्विंटल प्रति एकड़ का वादा किया था, उसे बिना किसी कटौती के लागू किया जाए। किसानों का कहना है कि सिंचाई और बेहतर खाद-बीज की वजह से पैदावार अच्छी हुई है, ऐसे में अनावरी रिपोर्ट के नाम पर उनकी फसल की कटौती करना अन्याय है।
Chhattisgarh Paddy Procurement News: फिलहाल, जिला प्रशासन इस मामले में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।



















