Chhattisgarh Politics: AAP को लगा तगड़ा झटका! प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने छोड़ा साथ, क्या Congress में होगी ‘घर वापसी’?

Chhattisgarh Politics: Chhattisgarh AAP Crisis: छत्तीसगढ़ की सियासत (Politics) से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) को राज्य में एक बहुत बड़ा ‘Jolt’ लगा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू (Gopal Sahu) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने न सिर्फ अध्यक्ष पद छोड़ा है, बल्कि पार्टी की प्राथमिक सदस्यता (Primary Membership) से भी किनारा कर लिया है।
Arvind Kejriwal को भेजा इस्तीफा, सस्पेंस बरकरार
Chhattisgarh Politics: गोपाल साहू ने अपना इस्तीफा आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल को ईमेल और पत्र के माध्यम से भेज दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने अपने इस्तीफे में पार्टी छोड़ने का कोई स्पष्ट कारण (Reason) नहीं बताया है। इस अचानक आए फैसले ने छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
2 साल पहले मिली थी कमान
Chhattisgarh Politics: आपको बता दें कि गोपाल साहू को करीब दो साल पहले विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ में पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनसे पहले कोमल हुपेंडी प्रदेश अध्यक्ष थे, जिनके इस्तीफे के बाद साहू को यह अहम जिम्मेदारी मिली थी। साहू के नेतृत्व में ‘आप’ ने संगठन विस्तार की काफी कोशिशें की थीं, लेकिन अब उनके जाने से पार्टी के सामने नेतृत्व का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
अब कहाँ जाएंगे गोपाल साहू? (Congress या BJP?)
Chhattisgarh Politics: इस्तीफे के बाद से ही कयासों का बाजार गर्म है कि गोपाल साहू का अगला कदम क्या होगा? सोशल मीडिया और पॉलिटिकल सर्कल में दो बड़ी थ्योरीज चल रही हैं:
Congress में वापसी: गोपाल साहू पहले भी कांग्रेस के साथ जुड़े रहे हैं। ऐसे में चर्चा है कि वे अपनी पुरानी पार्टी में ‘घर वापसी’ कर सकते हैं।
BJP से नजदीकी: हाल ही में गोपाल साहू ने साहू समाज के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे भाजपा का दामन थाम सकते हैं।
AAP की चुप्पी और बढ़ता सियासी पारा
Chhattisgarh Politics: फिलहाल, गोपाल साहू के इस कदम पर आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान (Official Statement) सामने नहीं आया है। छत्तीसगढ़ में निकाय चुनाव (Civic Polls) से ठीक पहले पार्टी के मुखिया का इस्तीफा देना ‘आप’ के लिए एक बड़ा डैमेज माना जा रहा है।
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