Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव 2026: ‘आप’ ने फूंका चुनावी बिगुल, प्रभारियों की फौज तैयार; पहली बार दिल्ली से आएंगे बड़े दिग्गज

Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव 2026: छत्तीसगढ़ के सियासी मैदान में अब ‘तीसरे विकल्प’ की सुगबुगाहट तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने 2026 में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में चुनाव लड़ेगी। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पार्टी ने प्रभारियों की पहली सूची भी जारी कर दी है।
मास्टरप्लान तैयार: 5 चरणों में होगी चुनावी घेराबंदी

Chhattisgarh Politics: आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने बताया कि इस बार पार्टी किसी भी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहती। राष्ट्रीय संगठन महासचिव डॉ. संदीप पाठक और सह-प्रभारी मुकेश अहलावत के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया गया है। पार्टी ने चुनाव तक के सफर को 5 महत्वपूर्ण चरणों में बांटा है, जिसमें संगठन विस्तार से लेकर आचार संहिता लागू होने तक की पूरी योजना शामिल है।
इतिहास में पहली बार: निकाय चुनाव में उतरेंगे राष्ट्रीय नेता
Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनाव के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता छोटे शहरों और गलियों में प्रचार करते नजर आएंगे। पार्टी का मानना है कि छत्तीसगढ़ की जनता अब भाजपा और कांग्रेस के पारंपरिक सत्ता चक्र से ऊब चुकी है और एक भरोसेमंद विकल्प की तलाश में है।
निकायों के लिए नियुक्त किए गए प्रमुख प्रभारी

Chhattisgarh Politics: पार्टी ने अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां सौंपी हैं। प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार हैं:
1. नगर निगम (Municipal Corporations):
बीरगांव: विकास पाण्डेय
भिलाई: डॉ. एस.के. अग्रवाल
भिलाई-चरोदा: देविंदर सिंह भाटिया
रिसाली: संजीत विश्वकर्मा
2. नगर पालिका परिषद (Municipal Councils):
सारंगढ़: अभिषेक मिश्रा
बैकुंठपुर: रमाशंकर मिश्रा
जामुल: अजय रामटेके
खैरागढ़: मनोज गुप्ता
3. नगर पंचायत (Nagar Panchayats):
बम्हनीडीह: प्रियंका शुक्ला
प्रेमनगर: मनोज दुबे
पलारी: घनश्याम चंद्राकर
कोंटा: सुरेश कवासी
भैरमगढ़: समीर खान
स्थानीय मुद्दों पर फोकस: जनसंपर्क अभियान की शुरुआत
Chhattisgarh Politics: प्रभारियों की नियुक्ति के बाद अब आम आदमी पार्टी का अगला कदम ‘डोर-टू-डोर’ कैंपेन और स्थानीय मुद्दों पर आंदोलन करना है। पार्टी का दावा है कि शहर की बुनियादी सुविधाओं, सफाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर वह सत्ताधारी दल और मुख्य विपक्ष दोनों को घेरेगी। संगठन का मानना है कि प्रभारियों के जरिए वे हर वार्ड के अंतिम व्यक्ति तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करेंगे।
क्या AAP बनेगी छत्तीसगढ़ का तीसरा मोर्चा?
Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ की राजनीति दशकों से दो ध्रुवीय रही है। ऐसे में ‘आप’ का यह आक्रामक रुख 2026 के निकाय चुनावों को त्रिकोणीय बना सकता है। पार्टी का लक्ष्य 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले नगरीय क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करना है, ताकि वह खुद को एक सशक्त विकल्प के रूप में पेश कर सके।



















