छत्तीसगढ़: रिटायर्ड IAS गणेश शंकर मिश्रा बने राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष, शासन ने जारी किया आदेश

रायपुर: छत्तीसगढ़: रिटायर्ड IAS गणेश शंकर मिश्रा बने राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष, शासन ने जारी किया आदेश, छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ा फेरबदल करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी गणेश शंकर मिश्रा को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य शासन ने उन्हें राज्य नीति आयोग (State NITI Aayog) का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है।
आधिकारिक अधिसूचना और नियुक्ति की शर्तें
रिटायर्ड IAS गणेश शंकर मिश्रा बने राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष,योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ 1-2/2004/23 के अनुसार, गणेश शंकर मिश्रा की यह नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि उनकी नियुक्ति की सेवा शर्तें और मिलने वाले भत्तों के संबंध में विस्तृत निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। यह नियुक्ति आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।
प्रशासनिक अनुभव का मिलेगा लाभ
रिटायर्ड IAS गणेश शंकर मिश्रा बने राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष,गणेश शंकर मिश्रा छत्तीसगढ़ कैडर के एक अनुभवी अधिकारी रहे हैं। उनके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव है और वे शासन के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी इसी कार्यक्षमता और विशेषज्ञता को देखते हुए सरकार ने उन्हें राज्य की नीतियों के निर्माण और रणनीतिक योजना बनाने वाली इस सर्वोच्च संस्था में शीर्ष पद दिया है।
राज्य के विकास और नीति निर्माण को मिलेगी नई गति
रिटायर्ड IAS गणेश शंकर मिश्रा बने राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष,माना जा रहा है कि गणेश शंकर मिश्रा की नियुक्ति से राज्य नीति आयोग के कामकाज में नई ऊर्जा आएगी। विशेष रूप से:
विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग: सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनकी निगरानी में तेजी आएगी।
भविष्य की रणनीति: राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए नए विजन और रोडमैप तैयार करने में उनके अनुभव का लाभ मिलेगा।
नीतिगत सुधार: राज्य की आर्थिक और सामाजिक नीतियों को और अधिक जनहितैषी बनाने में आयोग की भूमिका सशक्त होगी।
रिटायर्ड IAS गणेश शंकर मिश्रा बने राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष,सरकार के इस कदम को राज्य के आगामी विकास एजेंडे और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।



















