बस में गुंडागर्दी की इंतहा: टॉयलेट के लिए बस रुकवाने पर कंडक्टर ने यात्री का सिर फोड़ा, लोहे की रॉड से किया हमला
जगदलपुर में बस स्टाफ की गुंडागर्दी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रायपुर से सुकमा आ रही एक निजी बस के कंडक्टर ने एक मामूली सी बात पर यात्री पर जानलेवा हमला कर दिया। शौच के लिए बस रुकवाने की बात कहने पर कंडक्टर ने तैश में आकर लोहे की रॉड से यात्री का सिर फोड़ दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।बस में गुंडागर्दी की इंतहा
क्या है पूरा मामला?
यह घटना पायल बस (क्रमांक CG 07 CL 6030 ) में हुई, जो रायपुर से सुकमा जा रही थी। सुकमा निवासी व्यापारी मनीष चांडक इसी बस में सफर कर रहे थे। उन्होंने बताया कि रास्ते में उन्हें शौच जाने की जरूरत महसूस हुई। करीब एक घंटे तक वह बस रुकवाने के लिए आवाज लगाते रहे, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। बस का चालक ईयरफोन लगाकर गाने सुन रहा था, जबकि कंडक्टर अपनी सीट पर सो रहा था।बस में गुंडागर्दी की इंतहा
जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो मनीष ने अपने एक दोस्त की मदद से बस का दरवाजा जोर-जोर से पीटना शुरू किया।बस में गुंडागर्दी की इंतहा
बहस के बाद रॉड से जानलेवा हमला
आखिरकार भानपुरी के पास ड्राइवर ने बस रोकी और दरवाजा खोला। इसके बाद मनीष ने कंडक्टर शैलेन्द्र से कहा, “तुम बस में ड्यूटी पर हो और यहाँ सो रहे हो? इतनी देर से दरवाजा खुलवाने की कोशिश कर रहा हूँ, तुम्हें सुनाई नहीं देता?” इस पर कंडक्टर भड़क गया और यात्री के साथ गाली-गलौज करने लगा।बस में गुंडागर्दी की इंतहा
बात इतनी बढ़ गई कि आरोपी कंडक्टर शैलेन्द्र ने पास में रखी लोहे की एक रॉड उठाई और सीधे मनीष के सिर पर दे मारी। इस हमले से मनीष का सिर फट गया और खून बहने लगा।बस में गुंडागर्दी की इंतहा
घायल यात्री अस्पताल में भर्ती, FIR दर्ज
हमले के बाद मनीष के साथी ने उन्हें संभाला और बस के अंदर ले गए, जिसके बाद वह बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत जगदलपुर के महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। इस मामले में पीड़ित ने बोधघाट थाने में आरोपी कंडक्टर के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। मनीष ने कहा, “मैं पुलिस प्रशासन से उम्मीद करता हूँ कि वे उचित कार्रवाई करेंगे, ताकि भविष्य में किसी और यात्री के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न हो।”बस में गुंडागर्दी की इंतहा
इस रूट पर आम हैं ऐसी शिकायतें
यह कोई पहली घटना नहीं है। सुकमा-रायपुर रूट पर चलने वाली बसों में इस तरह की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। कई बार बस चालक और परिचालक देरी का बहाना बनाकर या अपनी मनमानी के चलते यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों, के लिए जरूरी जगहों पर भी बस नहीं रोकते, जिससे विवाद की स्थिति बनती है। इस घटना ने एक बार फिर यात्री सुरक्षा और बस स्टाफ के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।बस में गुंडागर्दी की इंतहा