
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर किया पलटवार
रायपुर: ओबीसी आरक्षण पर राजनीतिक बयानबाजी तेज
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर ओबीसी आरक्षण का मुद्दा गरमाता जा रहा है। कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर पलटवार किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और राजनीति करने का आरोप लगाया। छत्तीसगढ़ में ओबीसी आरक्षण पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
“कांग्रेस कर रही है झूठा प्रचार” – भाजपा
अरुण साव ने कहा, “कांग्रेस की राजनीति भय, भ्रम और भ्रष्टाचार पर आधारित है। ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस झूठा प्रचार कर रही है। भाजपा हमेशा संविधान सम्मत तरीके से सभी वर्गों का सम्मान करती आई है और ओबीसी वर्ग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलेगा।” छत्तीसगढ़ में ओबीसी आरक्षण पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
भाजपा ने दी आरक्षण की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी
भाजपा नेताओं ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य में 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा लागू है।
- 33 जिला पंचायतों में से 16 अधिसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण है।
- अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत आरक्षण के तहत 4 सीटें आरक्षित हैं।
- कुल 33 में से 20 सीटें आरक्षित हो चुकी हैं, जिससे ओबीसी के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित करना संभव नहीं है। छत्तीसगढ़ में ओबीसी आरक्षण पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने का आरोप
भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह जानबूझकर आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा चुनाव के बाद ओबीसी वर्ग को अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगी। छत्तीसगढ़ में ओबीसी आरक्षण पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
भाजपा का दावा: “संविधान और कानून के तहत करेंगे काम”
भाजपा नेताओं ने जोर दिया कि पार्टी संविधान और कानून के दायरे में रहकर सभी वर्गों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि आरक्षण जैसे मुद्दे पर राजनीति करना बंद करे और जनता को भ्रमित न करे। छत्तीसगढ़ में ओबीसी आरक्षण पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने



















