Delhi Blast: 5 लाख की AK-47 और 2500 KG विस्फोटक… लाल किले के पास धमाके की जांच में हुए 5 सबसे बड़े खुलासे
NIA की जांच में 'ट्रांसनेशनल टेरर नेटवर्क' का पर्दाफाश, पाकिस्तान-तुर्की कनेक्शन और देश भर में 'कोऑर्डिनेटेड अटैक' की खौफनाक साजिश आई सामने।

नई दिल्ली: Delhi Blast: 5 लाख की AK-47 और 2500 KG विस्फोटक… लाल किले के पास धमाके की जांच में हुए 5 सबसे बड़े खुलासे. देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए भीषण कार विस्फोट मामले की जांच ज्यों-ज्यों आगे बढ़ रही है, त्यों-त्यों रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की जांच में अब यह स्पष्ट हो गया है कि यह धमाका किसी ‘लोन वुल्फ’ (अकेले व्यक्ति) का काम नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा ‘ट्रांसनेशनल टेरर नेटवर्क’ काम कर रहा था।
जांच एजेंसियों को पाकिस्तान और तुर्की में बैठे हैंडलर्स के पुख्ता लिंक मिले हैं। साथ ही यह बात भी सामने आई है कि आतंकी सिर्फ लाल किले को नहीं, बल्कि देश के कई महत्वपूर्ण स्थानों को एक साथ निशाना बनाने (Coordinated Attacks) की तैयारी में थे।Delhi Blast: 5 लाख की AK-47 और 2500 KG विस्फोटक
ब्लास्ट में अब तक 15 की मौत, डॉक्टर चला रहा था बारूदी कार
इस दर्दनाक कार ब्लास्ट में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि धमाके वाली कार को डॉ. उमर नबी चला रहा था और उसने जानबूझकर इस आत्मघाती हमले को अंजाम दिया।Delhi Blast: 5 लाख की AK-47 और 2500 KG विस्फोटक
जांच में सामने आए ये 5 बड़े और अहम पहलू:
1. डॉक्टरों का ‘टेरर मॉड्यूल’ और गिरफ्तारियां
NIA ने इस साजिश में शामिल एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसमें कई पढ़े-लिखे पेशेवर शामिल हैं। एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश से चार मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया है:
डॉ. मुजम्मिल शकील गनई (पुलवामा)
डॉ. अदील अहमद राथर (अनंतनाग)
डॉ. शाहीन सईद (लखनऊ)
मुफ्ती इरफान अहमद वागे (शोपियां)
2. 5 लाख में खरीदी गई AK-47 और भारी मात्रा में विस्फोटक
आतंकियों की फंडिंग और तैयारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी मुजम्मिल ने 5 लाख रुपये नकद देकर एक AK-47 राइफल खरीदी थी। यह राइफल बाद में अदील के लॉकर से बरामद हुई। इसके अलावा, फरीदाबाद में छापेमारी के दौरान 2500 किलोग्राम से ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट मिला है, जो बड़े पैमाने पर तबाही मचाने के लिए काफी था।Delhi Blast: 5 लाख की AK-47 और 2500 KG विस्फोटक
3. पाकिस्तान-तुर्की कनेक्शन और हैंडलर्स की ‘चेन’
इंटेलिजेंस सूत्रों के अनुसार, आतंकियों का यह मॉड्यूल ‘लेयर्स’ में काम कर रहा था। हर आरोपी का हैंडलर अलग था।Delhi Blast: 5 लाख की AK-47 और 2500 KG विस्फोटक
मुजम्मिल, अदील और एक अन्य आरोपी मुजफ्फर अहमद 2022 में ‘ओकासा’ नामक व्यक्ति के कहने पर तुर्की गए थे। ओकासा का संबंध ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) से बताया जा रहा है।
प्लान इन्हें तुर्की से अफगानिस्तान भेजने का था, लेकिन हैंडलर के पीछे हटने से वे वहीं रुक गए।
ब्लास्ट करने वाला उमर और मुजम्मिल अलग-अलग हैंडलर्स को रिपोर्ट करते थे, जिन्हें एक ‘सुपरवाइजर’ कंट्रोल कर रहा था।
4. डीप फ्रीजर में तैयार हो रहा था ‘मौत का सामान’
जांच में पता चला है कि उमर बम बनाने के लिए ऑनलाइन मैनुअल और वीडियो देख रहा था। उसने केमिकल को स्टोर करने और विस्फोटक मिश्रण (Explosive Mixture) तैयार करने के लिए एक ‘डीप फ्रीजर’ खरीदा था। इसका इस्तेमाल विस्फोटक कंपाउंड को स्टेबल करने के लिए किया जा रहा था।Delhi Blast: 5 लाख की AK-47 और 2500 KG विस्फोटक
5. यूनिवर्सिटी में पैसों को लेकर हुई थी लड़ाई
साजिश के दौरान आतंकियों के बीच आपसी फूट भी पड़ी थी। फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस में मुजम्मिल और उमर के बीच पैसों को लेकर जोरदार झगड़ा हुआ था, जिसे कई छात्रों ने देखा था। इसी विवाद के बाद उमर ने अपनी लाल रंग की ईकोस्पोर्ट कार (जिसमें पहले से विस्फोटक था) मुजम्मिल को सौंप दी थी।Delhi Blast: 5 लाख की AK-47 और 2500 KG विस्फोटक
एजेंसियों का निष्कर्ष
फिलहाल, जांच एजेंसियां इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि इस नेटवर्क की जड़ें और कहां तक फैली हैं। जिस तरह से हथियारों की खरीद और विदेशी हैंडलर्स की बात सामने आई है, उससे साफ है कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क ने भारत को दहलाने की साजिश रची थी।Delhi Blast: 5 लाख की AK-47 और 2500 KG विस्फोटक



















