दुर्ग में 9 साल से रह रही बांग्लादेशी महिला रीना अख्तर वापस भेजी गई

दुर्ग पुलिस ने 2017 से रह रही बांग्लादेशी महिला रीना अख्तर को 23 अक्टूबर को बांग्लादेश भेजा। अब उसके आधार और राशन कार्ड की जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में रह रही बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर को पुलिस ने 23 अक्टूबर को उसके देश वापस भेज दिया। जानकारी के मुताबिक, वह वर्ष 2017 से यहां रह रही थी। यानी करीब नौ साल तक वह बिना वैध पहचान के दुर्ग और रायपुर में जीवन बिताती रही।

जुलाई 2026 में गिरफ्तारी के बाद उसे रायपुर जेल में रखा गया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर दुर्ग पुलिस की टीम ने खुफिया विभाग और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की मदद से उसे बांग्लादेश भेजा। अब पुलिस का ध्यान उन भारतीय दस्तावेजों पर है, जो महिला के पास मिले थे।
कौन है रीना अख्तर और कब से रह रही थी दुर्ग में?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रीना अख्तर बांग्लादेश की रहने वाली है।

- वर्ष 2017 से वह दुर्ग में रह रही थी
- इस दौरान उसने रायपुर में भी कुछ समय बिताया
- सिलाई-कढ़ाई और घरेलू काम से वह अपना गुजारा चलाती थी
वह भारत में किस रास्ते से और किन परिस्थितियों में दाखिल हुई, इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
गिरफ्तारी से डिपोर्टेशन तक: कैसे आगे बढ़ी कार्रवाई?
पूरी प्रक्रिया का क्रम कुछ इस तरह रहा:

- जुलाई 2026: महिला की गिरफ्तारी हुई
- गिरफ्तारी के बाद: उसे रायपुर जेल में रखा गया
- 23 अक्टूबर: कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर दुर्ग पुलिस ने खुफिया विभाग और BSF के सहयोग से उसे बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई पूरी की
आधार और राशन कार्ड पर सवाल, जांच के घेरे में दस्तावेज
इस मामले का सबसे अहम पहलू भारतीय दस्तावेजों से जुड़ा है। रीना अख्तर के आधार कार्ड और राशन कार्ड समेत अन्य भारतीय दस्तावेज अब जांच के दायरे में हैं।
पुलिस यह पता लगा रही है कि ये दस्तावेज किस आधार पर और किन परिस्थितियों में जारी हुए थे। दुर्ग के एएसपी सिटी शोभराज अग्रवाल के अनुसार, दस्तावेजों को नियमानुसार निरस्त कराने के लिए संबंधित विभागों के साथ कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि दस्तावेज बनवाने में किसी अन्य व्यक्ति या विभागीय स्तर पर कोई भूमिका थी या नहीं। जांच पूरी होने तक इस पर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
आम लोगों से पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने जिले के निवासियों से सहयोग की अपील की है। अगर किसी को किसी विदेशी नागरिक के अवैध रूप से रहने या फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की जानकारी मिले, तो वह पुलिस को सूचित कर सकता है।
- हेल्पलाइन नंबर: 1800-233-1905
आगे क्या होगा?
- संबंधित विभागों के स्तर पर आधार, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेजों को निरस्त करने की प्रक्रिया चलेगी
- दस्तावेज जारी होने की परिस्थितियों की जांच जारी रहेगी
- जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई संभव है, हालांकि अभी इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं है









