भावुक पल: अमित बघेल की गिरफ्तारी के बीच मां का निधन, कोर्ट परिसर में कोहराम, पुलिस और समर्थकों में झूमाझटकी

भावुक पल: अमित बघेल की गिरफ्तारी के बीच मां का निधन, कोर्ट परिसर में कोहराम, पुलिस और समर्थकों में झूमाझटकी. छत्तीसगढ़ की राजनीति और सामाजिक गलियारों में हलचल मचाने वाले अमित बघेल से जुड़ी एक बड़ी और भावुक खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रमुख माने जाने वाले अमित बघेल जब पुलिस और कोर्ट की कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे थे, उसी वक्त उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी मां के निधन की खबर ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया, जिसके बाद कोर्ट परिसर में भारी हंगामा देखने को मिला।
सरेंडर की कोशिश और मां का साया उठा
खबरों के मुताबिक, अमित बघेल अपनी मां के निधन की खबर सुनने के बाद उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कोर्ट में सरेंडर कर बेल (जमानत) लेने पहुंचे थे। लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई और सरेंडर की प्रक्रिया पूरी होने से ठीक पहले उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
जैसे ही कोर्ट परिसर में मौजूद समर्थकों को अमित बघेल की मां के निधन की पुष्टि हुई, वहां कोहराम मच गया। समर्थकों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। भावुक पल: अमित बघेल की गिरफ्तारी के बीच मां का निधन
अंतिम संस्कार के लिए मची अफरातफरी
कोर्ट परिसर में भारी भीड़ जमा थी। समर्थकों ने प्रशासन से मांग की कि अमित बघेल को तुरंत उनकी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाए। जब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर ले जाने की कोशिश की, तो भीड़ बेकाबू हो गई। समर्थकों ने पुलिस को रोकने का भरसक प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस और समर्थकों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई।
हालात को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद अमित बघेल को गिरफ्तार कर देवेंद्र नगर थाने ले गई। पुलिस का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं नियम के तहत ही पूरी की जाएंगी। उनकी मां का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पथरी ले जाया गया है। भावुक पल: अमित बघेल की गिरफ्तारी के बीच मां का निधन
आखिर क्यों फरार थे अमित बघेल?
यह पूरा मामला 27 अक्टूबर को दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है। भावुक पल: अमित बघेल की गिरफ्तारी के बीच मां का निधन
विवादित टिप्पणी: आरोप है कि अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के आराध्य देव झूलेलाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
देशव्यापी विरोध: इस बयान के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में जोरदार प्रदर्शन किया था।
FIR दर्ज: इस मामले में अमित बघेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ सहित देश के 12 राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद से ही वे लगातार फरार चल रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
गिरफ्तारी से बचने के लिए अमित बघेल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। 26 नवंबर को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था।
अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा था, “अपनी जुबान पर लगाम रखें।” कोर्ट ने साफ कर दिया था कि ऐसे मामलों में कोई राहत नहीं दी जा सकती और उन्हें संबंधित जगहों पर कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। भावुक पल: अमित बघेल की गिरफ्तारी के बीच मां का निधन
फिलहाल, मां के निधन और गिरफ्तारी के इस दोहरे घटनाक्रम ने समर्थकों को उद्वेलित कर दिया है, और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भावुक पल: अमित बघेल की गिरफ्तारी के बीच मां का निधन



















