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बड़ी कार्रवाई: बलरामपुर के खनिज अधिकारी अजय रंजन दास सस्पेंड, बॉक्साइट में ‘खेल’ और सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाना पड़ा भारी

बलरामपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक लापरवाही और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पदस्थ जिला खनिज अधिकारी अजय रंजन दास पर निलंबन की गाज गिरी है। राज्य शासन के निर्देशों को हवा में उड़ाने, विधानसभा सत्र जैसे महत्वपूर्ण समय में मोबाइल बंद रखने और खदानों में अनियमितता बरतने के गंभीर आरोपों के बाद खनिज संसाधन विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

विधानसभा सत्र के दौरान मोबाइल बंद, नोटिस का जवाब देना भी जरूरी नहीं समझा

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खनिज अधिकारी की लापरवाही का आलम यह था कि उन्होंने उच्च अधिकारियों के निर्देशों को लगातार नजरअंदाज किया। जांच में पाया गया कि वे बिना अनुमति के कई महत्वपूर्ण बैठकों से नदारद रहे। हद तो तब हो गई जब विधानसभा सत्र के दौरान, जो कि प्रशासनिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील समय होता है, उनका मोबाइल फोन बंद पाया गया। बलरामपुर के खनिज अधिकारी अजय रंजन दास सस्पेंड

इस घोर लापरवाही के कारण विभागीय कामकाज और सूचनाओं के आदान-प्रदान में बाधा आई। विभाग द्वारा उन्हें कई बार ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए गए, लेकिन अजय रंजन दास ने किसी भी नोटिस का जवाब देना उचित नहीं समझा। इसे अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा मानते हुए विभाग ने उन पर कार्रवाई की है। बलरामपुर के खनिज अधिकारी अजय रंजन दास सस्पेंड

बॉक्साइट खदान में बड़ा ‘घोटाला’: अच्छी क्वालिटी को बताया कचरा

अजय रंजन दास के निलंबन का सबसे बड़ा कारण सेरंगदांग बॉक्साइट खदान में पाई गई भारी अनियमितता है। विभाग द्वारा कराई गई जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ:

  • क्या था खेल: भारतीय खान ब्यूरो द्वारा स्वीकृत माइनिंग प्लान में बॉक्साइट का ग्रेड 46 से 48 प्रतिशत बताया गया था। लेकिन, खनिज अधिकारी की मिलीभगत या अनदेखी से इसे महज 30 से 35 प्रतिशत (लो-ग्रेड) बताकर अभिवहन पास जारी कर दिए गए।

  • राजस्व का नुकसान: उच्च गुणवत्ता वाले खनिज को कम ग्रेड का बताकर सरकार को रॉयल्टी और राजस्व का भारी नुकसान पहुंचाया गया।

  • संदिग्ध पास नंबर: जांच में जिन पासों में यह गड़बड़ी मिली है, उनके नंबर विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज हैं (जैसे- 8912408, 8913336, 8913435 आदि)।

इस मामले में भी 20 नवंबर को उन्हें नोटिस भेजा गया था, लेकिन अधिकारी ने चुप्पी साधे रखी। बलरामपुर के खनिज अधिकारी अजय रंजन दास सस्पेंड

केंद्र सरकार को भी रखा अंधेरे में

लापरवाही की हद यहीं खत्म नहीं हुई। भारत सरकार के खान मंत्रालय ने ओरंगा-रेवतीपुर क्षेत्र में ग्रेफाइट और वैनेडियम के अवैध खनन को लेकर तत्काल जांच रिपोर्ट मांगी थी। केंद्र और राज्य विभाग द्वारा बार-बार रिमाइंडर (अनुस्मारक) भेजने के बावजूद, अजय रंजन दास ने न तो जांच की और न ही कोई रिपोर्ट भेजी। केंद्र सरकार को गुमराह करने और जानकारी छिपाने को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। बलरामपुर के खनिज अधिकारी अजय रंजन दास सस्पेंड

अब नवा रायपुर होगा ठिकाना

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत की गई इस कार्रवाई के बाद, निलंबित अधिकारी अजय रंजन दास को अब भौमिकी एवं खनिकर्म संचालनालय, नवा रायपुर में अटैच किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही मिलेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की और भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। बलरामपुर के खनिज अधिकारी अजय रंजन दास सस्पेंड

Dr. Tarachand Chandrakar

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