गौतमबुद्ध नगर: गोवर्धन पूजा से लौट रहे परिवार पर अंधाधुंध फायरिंग, 14 साल के किशोर की हत्या में 7 को उम्रकैद, उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले से एक बड़ी कानूनी जीत की खबर सामने आई है। करीब एक साल पहले महाबलीपुर गांव में गोवर्धन पूजा से लौट रहे एक परिवार पर किए गए जानलेवा हमले और 14 वर्षीय किशोर की नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने अपना कड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) सोमप्रभा की अदालत ने इस मामले में सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
रंजिश की आग में खूनी खेल: 15 मिनट तक बरसती रहीं गोलियां
गौतमबुद्ध नगर: यह दर्दनाक घटना 14 नवंबर 2023 की है। जेवर थाना क्षेत्र के महाबलीपुर गांव में रहने वाला एक परिवार जब गोवर्धन पूजा संपन्न कर घर लौट रहा था, तभी पुरानी रंजिश के चलते घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने पूरी योजना के साथ करीब 15 मिनट तक ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस हमले का मुख्य निशाना राकेश और उनका परिवार था।
मासूम की बेरहमी से हत्या
गौतमबुद्ध नगर: बदमाशों ने 14 साल के किशोर मोहित पर इतनी गोलियां बरसाईं कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमले की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गोली लगने से किशोर की अंतड़ियां तक बाहर आ गई थीं। इस हमले में परिवार के अन्य सदस्य नरेंद्र और हरेंद्र भी घायल हुए थे।
दहशत का मंजर: फायरिंग के बाद लाठी-डंडों से हमला
गौतमबुद्ध नगर: चश्मदीदों और अभियोजन पक्ष के अनुसार, हमलावर सिर्फ गोलियां चलाकर ही नहीं रुके। जब परिवार के सदस्य जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, तो आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों से भी हमला किया। सरेराह हुई इस फायरिंग और हमले से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। भीड़ को इकट्ठा होता देख आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन तब तक एक मासूम की जान जा चुकी थी।
अदालत का ऐतिहासिक फैसला: 7 दोषियों को उम्रकैद और जुर्माना
गौतमबुद्ध नगर: पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए चार्जशीट दाखिल की और पुख्ता सबूत पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सात आरोपियों—अभिराज, कुंवर गौरव, रणजीत सिंह, सोनू, निशांत राणा, धर्मेश उर्फ धर्मेंद्र और शिवनीत उर्फ शिवराज को हत्या और जानलेवा हमले का दोषी पाया।
सजा का विवरण:
-
आजीवन कारावास: सभी सात दोषियों को ताउम्र जेल की सजा।
-
जुर्माना: प्रत्येक दोषी पर 95,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
-
अतिरिक्त सजा: जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को 6-6 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
न्याय की जीत: परिवार ने जताया संतोष
सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र जयंत ने बताया कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और पुरानी दुश्मनी को साधने के लिए किया गया था। पुलिस द्वारा पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने यह सख्त फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया है। इलाके में इस फैसले की काफी चर्चा हो रही है, जिसे अपराधियों के लिए एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।