High Court Bilaspur News: संविदा सेवा समाप्ति पर हाई कोर्ट की रोक, मेडिकल कॉलेज से मांगा जवाब

High Court Bilaspur News: संविदा सेवा समाप्ति पर हाई कोर्ट की रोक, मेडिकल कॉलेज से मांगा जवाब
⚖️ अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के संविदा कर्मचारियों को राहत, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
High Court Bilaspur News: बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के High Court Bilaspur ने राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंह देव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सेवा अवधि रद्द करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने कॉलेज प्रशासन से इस निर्णय पर विस्तृत जवाब तलब किया है।
? क्या है पूरा मामला?
डाटा एंट्री ऑपरेटर शिवकुमार और अन्य संविदा कर्मियों की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया कि उनकी सेवा अवधि को बिना किसी ठोस कारण के समाप्त कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि कोविड-19 महामारी के दौरान वायरोलॉजी लैब के लिए संविदा पर नियुक्ति हुई थी और सरकार के आदेशानुसार, नियमित भर्ती होने तक संविदा सेवा जारी रखी जानी थी।High Court Bilaspur News
? एक दिन में सेवा वृद्धि रद्द, कर्मचारियों को झटका
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज ने 2020 में वायरोलॉजी लैब के लिए संविदा भर्ती की थी। इसमें डाटा एंट्री ऑपरेटर, लैब अटेंडेंट और लैब टेक्नीशियन जैसे पद शामिल थे। इन कर्मचारियों को 2 अप्रैल 2025 को सेवा वृद्धि दी गई, लेकिन सिर्फ एक दिन बाद, यानी 3 अप्रैल 2025 को अचानक आदेश रद्द कर दिया गया।High Court Bilaspur News
⚖️ हाई कोर्ट ने लगाई रोक, प्रशासन से जवाब मांगा
जस्टिस बी. डी. गुरु की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक सेवा निरस्तीकरण के आदेश पर रोक लगाई जाती है। साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन से पूछा गया है कि किन आधारों पर सेवा समाप्ति का निर्णय लिया गया।High Court Bilaspur News
? इन संविदा कर्मियों को मिला राहत का आदेश
राहत पाने वाले संविदा कर्मचारियों में शामिल हैं:
- डाटा एंट्री ऑपरेटर: शिवकुमार
- लैब अटेंडेंट: छबिलाल प्रधान, अरुण कुमार, आदित्य सिंह, सुंदर राम, हुकुम, विवेक चौहान, अनमोल, आर्यमान, अंकित राम प्रधान, शिवानी
- लैब टेक्नीशियन: वैशाली, कमला, अजय कुमार, सुशील सिंह, नीलावती
? हाई कोर्ट के फैसले से संविदा कर्मियों को बड़ी राहत
इस आदेश से साफ है कि संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने जैसे प्रशासनिक निर्णयों की वैधता को अब न्यायिक समीक्षा के दायरे में लाया जा रहा है। हाई कोर्ट का यह फैसला बाकी संविदा कर्मचारियों के लिए भी मिसाल बन सकता है।High Court Bilaspur News



















