रिसाली नगर निगम में भारी संकट: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ रिसाली नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर काले बादल मंडराने लगे हैं। निगम के 600 से अधिक सफाई और प्लेसमेंट कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भारी अनिश्चितता बनी हुई है। आलम यह है कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था किसी भी समय ठप हो सकती है, जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ना तय है।
15 जनवरी की समयसीमा: क्या थम जाएगी शहर की सफाई?
रिसाली नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 40 वार्डों की जिम्मेदारी करीब 480 सफाई कर्मियों और 120 प्लेसमेंट कर्मचारियों के कंधों पर है। इन कर्मचारियों के अनुबंध (Extension) से जुड़ी फाइलें लंबे समय से अटकी हुई हैं। जानकारी के अनुसार, यदि 15 जनवरी तक इन फाइलों पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया, तो इन 600 से अधिक परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।रिसाली नगर निगम में भारी संकट
सियासी संग्राम: भाजपा ने महापौर शशि सिन्हा पर लगाए गंभीर आरोप
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दल भाजपा ने महापौर शशि सिन्हा और ‘महापौर इन काउंसिल’ (MIC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। भाजपा पार्षदों का आरोप है कि महापौर जानबूझकर इन महत्वपूर्ण फाइलों को रोक रही हैं, जिससे शहर की स्वच्छता और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।रिसाली नगर निगम में भारी संकट
विपक्ष का कहना है कि एक तरफ राज्य की भाजपा सरकार नगर निगमों के विकास के लिए पर्याप्त बजट दे रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस शासित रिसाली निगम में प्रशासनिक उदासीनता के कारण काम रुके हुए हैं।रिसाली नगर निगम में भारी संकट
पार्षद विधि यादव का कड़ा रुख: ‘शहर को भुगतना होगा खामियाजा’
टंकी मरौदा वार्ड की भाजपा पार्षद विधि यादव ने इस स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, “महापौर और एमआईसी की लापरवाही के कारण आज सैकड़ों कर्मचारियों का भविष्य दांव पर लगा है। फाइलों को ठंडे बस्ते में डालने की वजह से जल्द ही पूरा शहर गंदगी की चपेट में आ सकता है। इसका सीधा खामियाजा यहाँ की जनता को भुगतना पड़ेगा।”रिसाली नगर निगम में भारी संकट
कर्मचारियों के भविष्य पर लटकी तलवार: आजीविका का संकट
निगम के गलियारों में चर्चा है कि फाइलों पर निर्णय न होने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। सफाई व्यवस्था चरमराने से न केवल शहर की सूरत बिगड़ेगी, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। अभी तक महापौर कार्यालय की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, जिससे संशय और बढ़ गया है।रिसाली नगर निगम में भारी संकट
अब देखना होगा कि क्या प्रशासन समय रहते जागता है या रिसाली के 600 कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा?