सितंबर में प्याज और टमाटर की कीमतों में भारी उछाल: जानें क्यों बढ़ रही हैं सब्जियों की कीमतें और क्या अभी और बढ़ेंगे दाम?

सितंबर 2024 में प्याज और टमाटर की कीमतों में भारी उछाल ने आम जनता की परेशानियां बढ़ा दी हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, टमाटर के दामों में पिछले साल की तुलना में करीब 14% की वृद्धि हुई है। वहीं, प्याज की कीमतें भी 11% तक बढ़ गई हैं और 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी हैं।सितंबर में प्याज और टमाटर की कीमतों में भारी उछाल: जानें क्यों बढ़ रही हैं सब्जियों की कीमतें और क्या अभी और बढ़ेंगे दाम?
क्यों हो रही है कीमतों में बढ़ोतरी?
इसकी प्रमुख वजह देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और उसके चलते हुई फसल को नुकसान है। भारी बारिश से खेती प्रभावित हुई है, जिससे टमाटर और प्याज जैसी आवश्यक सब्जियों की आपूर्ति बाधित हुई है।सितंबर में प्याज और टमाटर की कीमतों में भारी उछाल
विशेष रूप से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में भारी बारिश ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। यही कारण है कि इन क्षेत्रों से टमाटर की आपूर्ति कम हो रही है और कीमतों में तेजी देखी जा रही है।सितंबर में प्याज और टमाटर की कीमतों में भारी उछाल
प्याज की कीमतों में उछाल की मुख्य वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी का एक और बड़ा कारण एक्सपोर्ट ड्यूटी को हटाया जाना है। इससे प्याज के निर्यात में वृद्धि हुई और घरेलू बाजार में आपूर्ति कम हो गई। प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड के तहत प्याज की बिक्री शुरू की गई, लेकिन कीमतों में स्थिरता नहीं आ सकी।सितंबर में प्याज और टमाटर की कीमतों में भारी उछाल
एक्सपर्ट्स की राय
एलारा सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट की इकोनॉमिस्ट गरिमा कपूर ने कहा कि प्याज और टमाटर की कीमतें बढ़ने से सरकार पर दबाव बढ़ गया है। इसके अलावा, एम के इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की मुख्य अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा के अनुसार, सब्जियों की कीमतें विशेष रूप से बारिश और बाढ़ के कारण बढ़ रही हैं, जो सप्लाई चेन को बाधित कर रही हैं।सितंबर में प्याज और टमाटर की कीमतों में भारी उछाल
क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?
मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में सब्जियों की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर, खाद्य तेल पर उच्च कस्टम ड्यूटी और सामान्य से ज्यादा बारिश के कारण फसलों को होने वाले नुकसान से खाद्य महंगाई बढ़ने का खतरा है।सितंबर में प्याज और टमाटर की कीमतों में भारी उछाल
18 सितंबर तक बारिश का औसत 7% ज्यादा रहा है, जिससे फसल की कटाई प्रभावित हो सकती है। कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, बुआई वाला क्षेत्र 1,096.7 लाख हेक्टेयर तक बढ़ गया है, जो पिछले साल की तुलना में 2% ज्यादा है। हालांकि, भारी बारिश और फसल को हुए नुकसान की वजह से भविष्य में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता आने की संभावना कम है।सितंबर में प्याज और टमाटर की कीमतों में भारी उछाल
सितंबर में प्याज और टमाटर जैसी आवश्यक सब्जियों की बढ़ती कीमतें उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रही हैं। फसल को हुए नुकसान और सप्लाई में आ रही बाधाओं के चलते विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी इनकी कीमतों में गिरावट की उम्मीद कम है।सितंबर में प्याज और टमाटर की कीमतों में भारी उछाल



















