छत्तीसगढ़ विधानसभा में जेल में मौतों पर भारी हंगामा: भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा, विपक्ष का वॉकआउट

छत्तीसगढ़ समाचार: छत्तीसगढ़ विधानसभा में जेल में मौतों पर भारी हंगामा: भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा, विपक्ष का वॉकआउट, छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश की जेलों में कैदियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य का मुद्दा गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जेलों में हो रही मौतों और कैदियों की स्थिति को लेकर सरकार पर तीखे प्रहार किए, जिसके बाद सदन में काफी गहमागहमी देखी गई।
जेलों में क्षमता से 150% अधिक कैदी: भूपेश बघेल के गंभीर सवाल
छत्तीसगढ़ विधानसभा में जेल में मौतों पर भारी हंगामा:प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की जेलों की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि वर्तमान में जेलों में कैदियों की संख्या कितनी है और वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं। बघेल ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ की जेलों में उनकी क्षमता से 150% अधिक कैदी ठूंसे गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध, जैसे हत्या, लूट और फिरौती की घटनाओं पर भी चिंता जताई।
सरकारी आंकड़े: जेलों में मौतों की स्थिति
छत्तीसगढ़ विधानसभा में जेल में मौतों पर भारी हंगामा:विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने सदन को बताया कि जनवरी 2025 से जनवरी 2026 की अवधि के बीच जेलों में कुल 66 बंदियों की मृत्यु हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
18 मामलों में मजिस्ट्रेट जांच पूरी हो चुकी है।
48 मामलों में जांच अभी भी प्रक्रियाधीन है।
जीवन ठाकुर की मौत पर छिड़ा विवाद
छत्तीसगढ़ विधानसभा में जेल में मौतों पर भारी हंगामा:चर्चा के दौरान सबसे ज्यादा हंगामा कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर की मौत को लेकर हुआ। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि जीवन ठाकुर को एक फर्जी मामले में फंसाकर जेल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन ने न तो उन्हें परिजनों से मिलने दिया और न ही उचित इलाज मुहैया कराया। बघेल के अनुसार, डॉक्टर की सलाह के बावजूद उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया, जो उनकी मृत्यु का मुख्य कारण बना।
गृहमंत्री का जवाब: “उपचार में नहीं हुई कोई लापरवाही”
छत्तीसगढ़ विधानसभा में जेल में मौतों पर भारी हंगामा:इन आरोपों को खारिज करते हुए उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जीवन ठाकुर जेल के भीतर नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकुर जानबूझकर ऐसा व्यवहार करते थे जिससे उनका शुगर लेवल बढ़ जाए, क्योंकि वे किसी भी तरह अस्पताल जाना चाहते थे। शर्मा ने जेल अधीक्षक के हवाले से कहा कि उन्हें रायपुर लाकर विशेषज्ञों द्वारा उपचार दिया गया था और इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती गई थी।
सदन की समिति से जांच की मांग और वॉकआउट
छत्तीसगढ़ विधानसभा में जेल में मौतों पर भारी हंगामा:सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्षी सदस्यों ने इसे ‘सरकारी हत्या’ करार दिया। कांग्रेस विधायकों ने जीवन ठाकुर की मौत की जांच ‘सदन की समिति’ से कराने की मांग की। जब सरकार की ओर से इस पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।



















