राजनांदगांव में बड़ा एक्शन: मिक्सचर की आड़ में चल रही थी अवैध गुटखा फैक्ट्री, करोड़ों की GST चोरी का अंदेशा

राजनांदगांव में बड़ा एक्शन: मिक्सचर की आड़ में चल रही थी अवैध गुटखा फैक्ट्री, करोड़ों की GST चोरी का अंदेशा
मिक्सचर की आड़ में चल रही थी अवैध गुटखा फैक्ट्री, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ है। यहां सोमनी थाना क्षेत्र के एक गांव में खाद्य विभाग और जीएसटी की टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारकर एक अवैध गुटखा फैक्ट्री को पकड़ा है। हैरानी की बात यह है कि यह फैक्ट्री मिक्सचर (नमकीन) बनाने के लाइसेंस की आड़ में चलाई जा रही थी।
मिक्सचर बनाने के लाइसेंस की आड़ में गोरखधंधा
यह पूरा मामला सोमनी थाना क्षेत्र के ग्राम जोरातराई का है। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि जोरातराई और बोइरडीह गांव के बीच एक बिना नाम वाली फैक्ट्री में अवैध गतिविधियां चल रही हैं। जांच में पता चला कि फैक्ट्री की जमीन राजनांदगांव के एक व्यापारी की है, जिसे दुर्ग के एक कारोबारी ने किराए पर ले रखा था। इस कारोबारी ने खाद्य विभाग से सिर्फ मिक्सचर बनाने का लाइसेंस लिया था, लेकिन इसकी आड़ में वह बड़े पैमाने पर “सितार” ब्रांड का जर्दायुक्त गुटखा बना रहा था।मिक्सचर की आड़ में चल रही थी अवैध गुटखा फैक्ट्री
देर रात 2 बजे दबिश, फैक्ट्री की गई सील
शिकायत की पुष्टि होने के बाद, जीएसटी विभाग की टीम ने बुधवार देर रात करीब 2 बजे फैक्ट्री पर दबिश दी। टीम ने फैक्ट्री से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए और जांच शुरू की। जांच में बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की बात सामने आ रही है। इसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने भी कार्रवाई करते हुए गुरुवार देर रात को फैक्ट्री को पूरी तरह से सील कर दिया।मिक्सचर की आड़ में चल रही थी अवैध गुटखा फैक्ट्री
गुटखा, पानी और कच्चे माल के सैंपल जब्त
कार्रवाई के दौरान टीम ने फैक्ट्री में भारी मात्रा में तैयार गुटखा और इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को जब्त कर लिया है। अधिकारियों ने गुटखे की गुणवत्ता जांचने के लिए उसके सैंपल लिए हैं। इसके अलावा, फैक्ट्री में इस्तेमाल हो रहे पानी और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद और भी कई खुलासे हो सकते हैं।मिक्सचर की आड़ में चल रही थी अवैध गुटखा फैक्ट्री
फैक्ट्री संचालक के पास नहीं मिले कोई वैध दस्तावेज
जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी डोमेंद्र ध्रुव ने बताया कि फैक्ट्री संचालक के पास जर्दायुक्त गुटखा बनाने के लिए कोई भी वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं मिला है। जीएसटी विभाग की टीम पिछले दो दिनों से दस्तावेजों की जांच कर रही है, जिससे बड़ी टैक्स चोरी का खुलासा होने की पूरी संभावना है। टीम फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क की पूरी जानकारी मिल सके।मिक्सचर की आड़ में चल रही थी अवैध गुटखा फैक्ट्री
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में अवैध गुटखा फैक्ट्री पकड़ी गई है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी। इस बार प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से इस अवैध कारोबार पर बड़ी लगाम लगने की उम्मीद है।मिक्सचर की आड़ में चल रही थी अवैध गुटखा फैक्ट्री



















