
भिलाई में धोखाधड़ी का डबल अटैक: “डिजिटल अरेस्ट” कर रिटायर्ड नर्स से 22 लाख ठगे, दूसरे मामले में परिवार ने महिला समूह को लगाया 15 लाख का चूना
Bhilai Cyber Crime: “डिजिटल अरेस्ट” कर रिटायर्ड नर्स से 22 लाख ठगे, छत्तीसगढ़ के भिलाई में ऑनलाइन धोखाधड़ी के दो बड़े मामले सामने आए हैं, जहाँ अपराधियों ने शातिर तरीकों से लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया। एक मामले में, जालसाजों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर और “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर एक सेवानिवृत्त नर्सिंग सुपरिटेंडेंट से 22 लाख रुपये ठग लिए। वहीं दूसरे मामले में, एक ही परिवार के पति-पत्नी और बेटी-दामाद ने मिलकर एक महिला समूह को लोन दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस ने दोनों मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
केस 1: “डिजिटल अरेस्ट” का जाल और 22 लाख की ठगी
फर्जी पुलिस अधिकारी बन बनाया शिकार
पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक सेवानिवृत्त नर्सिंग डिप्टी सुपरिटेंडेंट, सुभाषिनी जैस, इस साइबर ठगी का शिकार हुईं। 2 जुलाई को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और उन्हें डराते हुए कहा कि उनके बैंक खाते में हवाला के 6 करोड़ 80 लाख रुपये जमा हुए हैं।”डिजिटल अरेस्ट” कर रिटायर्ड नर्स से 22 लाख ठगे
FD तुड़वाकर ट्रांसफर कराए पैसे
जालसाजों ने महिला को “डिजिटल अरेस्ट” कर लेने की धमकी दी, यानी उन्हें फोन पर ही बंधक बना लिया और किसी से बात करने से रोक दिया। उन्होंने जांच के नाम पर मुंबई आने का दबाव बनाया। इससे बुजुर्ग महिला घबरा गईं और ठगों के झांसे में आ गईं। ठगों ने मदद करने का नाटक करते हुए उनसे एक बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने को कहा। डर के मारे, महिला ने पोस्ट ऑफिस जाकर अपनी 22 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वा ली और उस रकम को ठगों द्वारा दिए गए खाते में ट्रांसफर कर दिया।”डिजिटल अरेस्ट” कर रिटायर्ड नर्स से 22 लाख ठगे
ऐसे हुआ मामले का पर्दाफाश
22 लाख रुपये ट्रांसफर कराने के बाद भी ठगों का लालच कम नहीं हुआ और उन्होंने महिला पर दूसरी FD तुड़वाने का दबाव बनाया। दूसरी FD के लिए एक गवाह की जरूरत थी, जिसके लिए महिला ने अपने पड़ोस में रहने वाले भांजे प्रतुल दास को बुलाया। जब प्रतुल ने फोन पर ठगों से बात की, तो उन्हें शक हुआ और वह तुरंत समझ गए कि उनकी मौसी ठगी का शिकार हो रही हैं। प्रतुल ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठगे गए पैसों को फ्रीज करा दिया। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी अजय जुनवाला को राजस्थान से गिरफ्तार किया है, जबकि उसके दो साथी आकाश और राहुल अभी फरार हैं।”डिजिटल अरेस्ट” कर रिटायर्ड नर्स से 22 लाख ठगे
केस 2: परिवार ने मिलकर रचा लोन फ्रॉड का षड्यंत्र
गरीब महिलाओं को बनाया निशाना
सुपेला थाना क्षेत्र में, एक पूरे परिवार द्वारा धोखाधड़ी को अंजाम देने का मामला सामने आया है। आरोपी नेमा गोस्वामी, उसकी पत्नी ईश्वरी गोस्वामी, बेटी योगिता गोस्वामी और दामाद भरत गोस्वामी ने मिलकर गरीब महिलाओं को निशाना बनाया। उन्होंने महिलाओं को कम ब्याज पर विभिन्न फाइनेंस बैंकों से लोन दिलाने का झांसा दिया।”डिजिटल अरेस्ट” कर रिटायर्ड नर्स से 22 लाख ठगे
समूह के नाम पर लिया लोन और हड़प गए
आरोपियों ने महिलाओं का एक समूह बनवाया और उनके नाम पर बैंक में खाता खुलवाया। इसी खाते का इस्तेमाल कर उन्होंने लोन निकाल लिया, लेकिन महिलाओं को पैसे नहीं दिए। जब समूह की महिलाओं ने अपने 15 लाख रुपये के लोन के बारे में पूछा, तो आरोपी बीमारी का बहाना बनाकर पैसे लौटाने का वादा करते रहे, लेकिन कभी नहीं लौटाए। परेशान होकर महिलाओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।”डिजिटल अरेस्ट” कर रिटायर्ड नर्स से 22 लाख ठगे
पुलिस की अपील: रहें सतर्क, बनें जागरूक
इन घटनाओं के बाद, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। किसी भी तरह के ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।”डिजिटल अरेस्ट” कर रिटायर्ड नर्स से 22 लाख ठगे



















