बिलासपुर में मानवता तार-तार: पुलिस की कथित संवेदनहीनता, परिजन बाइक पर बोरी में पोस्टमार्टम हेतु ले गए शव

बिलासपुर में मानवता तार-तार: पुलिस की कथित संवेदनहीनता, परिजन बाइक पर बोरी में पोस्टमार्टम हेतु ले गए शव
बिलासपुर/तखतपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। जुनापारा पुलिस चौकी प्रभारी मनोज शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने एक मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाने में परिजनों की कोई सहायता नहीं की, जिसके बाद शोकाकुल परिजनों को शव को बोरी में भरकर बाइक से अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश भर दिया है।बिलासपुर में मानवता तार-तार
1. संवेदनहीनता की पराकाष्ठा: शव को बोरी में बाइक पर ढोने की मजबूरी
मामला तखतपुर थाना क्षेत्र की जुनापारा पुलिस चौकी का है। सकेरी निवासी उमाशंकर साहू का शव मिलने के बाद, आरोप है कि चौकी प्रभारी मनोज शर्मा ने परिजनों को शव सौंपते हुए पोस्टमार्टम के लिए स्वयं अस्पताल ले जाने को कह दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें न तो पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी उपलब्ध कराई गई और न ही किसी पुलिस जवान की मदद मिली। इस अमानवीय रवैये के बाद, बेबस परिजनों को मृतक उमाशंकर साहू के शव को एक बोरी में भरकर बाइक पर लादकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। मौके पर फॉरेंसिक टीम भी पहुंची थी।बिलासपुर में मानवता तार-तार
2. परिजनों का दर्द और पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप
मृतक के शोकाकुल परिजनों ने पुलिस प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि उमाशंकर साहू की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने उनकी तलाश में कोई सक्रियता नहीं दिखाई। परिजन पिछले तीन दिनों से स्वयं ही उमाशंकर की खोजबीन कर रहे थे। अंततः, ग्रामीणों की सहायता से उन्होंने उमाशंकर का शव खोज निकाला। पुलिस की इस कथित लचर और असंवेदनशील व्यवस्था से परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने इस घोर लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाते हुए प्रशासन से जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।बिलासपुर में मानवता तार-तार
3. जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव, जंगली जानवर के हमले की आशंका
मृतक के परिजन रोहित साहू और फागुराम साहू ने बताया कि अधेड़ उमाशंकर साहू तीन दिन पहले लकड़ी काटने के लिए जंगल गए थे, जिसके बाद वे लौटे नहीं। उनका क्षत-विक्षत शव जुनापारा चौकी क्षेत्र के निमघाट जंगल में मिला। शव की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत किसी जंगली जानवर के हमले से हुई होगी।बिलासपुर में मानवता तार-तार
4. एसएसपी ने लिया संज्ञान, दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन
इस पूरे मामले ने जब तूल पकड़ा तो बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री रजनेश सिंह ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि यदि पोस्टमार्टम के लिए शव को अस्पताल पहुंचाने में पुलिस द्वारा मदद नहीं प्रदान की गई है, तो यह अत्यंत गलत और निंदनीय है। उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं।बिलासपुर में मानवता तार-तार
यह घटना न केवल एक परिवार के दुख को बढ़ाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में पुलिसिंग और मानवीय सहायता प्रणालियों में तत्काल सुधार की कितनी आवश्यकता है।बिलासपुर में मानवता तार-तार



















