गरियाबंद मुठभेड़ में नक्सलियों के मंसूबे पस्त, सामान छोड़कर भागे; पुलिस की अपील – हिंसा छोड़ मुख्यधारा से जुड़ें
मैँनपुर के सेहरा पहाड़ में देररात हुई मुठभेड़, भारी मात्रा में नक्सली सामान बरामद

गरियाबंद : गरियाबंद मुठभेड़ में नक्सलियों के मंसूबे पस्त, सामान छोड़कर भागे; पुलिस की अपील – हिंसा छोड़ मुख्यधारा से जुड़ें. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रविवार देररात थाना मैँनपुर अंतर्गत दर्रीपारा क्षेत्र के ग्राम सेहरा पहाड़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस की जवाबी कार्रवाई से घबराकर नक्सली अपना भारी सामान छोड़कर जंगल की ओर भाग खड़े हुए।
यह मुठभेड़ जिला मुख्यालय से लगभग 42 किलोमीटर दक्षिण में स्थित पहाड़ी क्षेत्र में हुई। जिला पुलिस बल की ई-30 टीम और डीआरजी के जवान विशेष सूचना पर सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। पुलिस को जानकारी मिली थी कि सप्तम एरिया कमेटी के लगभग 6-8 नक्सली सेहरा पहाड़ के आसपास सक्रिय हैं। जैसे ही जवान पहाड़ी पर पहुंचे, नक्सलियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी तत्परता और साहस के साथ जवाबी फायरिंग की, जिससे नक्सली दबाव में आ गए और मौके से भागने को मजबूर हो गए।गरियाबंद मुठभेड़ में नक्सलियों के मंसूबे पस्त
मुठभेड़ के बाद की गई तलाशी के दौरान, पुलिस को घटनास्थल से नक्सलियों द्वारा छोड़ा गया भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ है। इसमें कपड़े, बर्तन, तिरपाल, सोलर प्लेट, बैग, सूखी राशन सामग्री, दवाइइयां, नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं। बरामद सामान इस बात का संकेत देता है कि नक्सली लंबे समय से इस इलाके में सक्रिय थे और पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा है।गरियाबंद मुठभेड़ में नक्सलियों के मंसूबे पस्त
गरियाबंद पुलिस ने इस अवसर पर सभी सक्रिय नक्सलियों से हार्दिक अपील की है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि जो भी नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में जुड़ना चाहते हैं, वे जिले के किसी भी थाना, चौकी या कैंप में पहुंचकर आत्मसमर्पण कर सकते हैं। पुलिस उन्हें सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हर संभव मदद और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगी। यह सफलता नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस के अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।गरियाबंद मुठभेड़ में नक्सलियों के मंसूबे पस्त









