मध्य प्रदेश में एक और बैंक कंगाल: गबन ने डुबोए करोड़ों, अपने ही पैसों के लिए तरस रहे हजारों खातेदार

मध्य प्रदेश में एक और बैंक कंगाल: गबन ने डुबोए करोड़ों, अपने ही पैसों के लिए तरस रहे हजारों खातेदार
मुख्य बातें:
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला सहकारी बैंक की भ्रष्टाचार और गबन के कारण हालत खस्ता।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!बैंक हुआ दिवालिया, अपने ही लाखों के जमा पर खातेदारों को नहीं मिल रहे हजार रुपए भी।
पीड़ित लगा रहे कलेक्टर से गुहार, केंद्रीय मंत्री सिंधिया की पहल पर मिली सरकारी मदद भी हुई बेअसर।
सहकारी बैंकों का खस्ता हाल, राज्यसभा में भी गूंज चुका है मुद्दा।
पिछोर। मध्य प्रदेश में एक और बैंक कंगाल: गबन ने डुबोए करोड़ों, मध्य प्रदेश में सहकारी बैंकों का ढांचा भ्रष्टाचार और गबन के कारण चरमरा गया है। ताजा मामला शिवपुरी जिले का है, जहां जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पूरी तरह से कंगाल हो चुका है और अपने ही खातेदारों को उनके जमा पैसे लौटाने में असमर्थ है। स्थिति यह है कि जिनके खातों में लाखों रुपए जमा हैं, वे इलाज और घर खर्च के लिए एक-एक हजार रुपए के लिए भी तरस रहे हैं।
अपने ही पैसों के लिए मोहताज हुए लोग
बैंक की इस कंगाली का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। पिछोर तहसील के भंगुआ गांव की रहने वाली ऊषा जाटव जैसी कई पीड़ित हैं, जिन्हें इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है, लेकिन बैंक अधिकारी यह कहकर उन्हें लौटा रहे हैं कि “बैंक में पैसा ही नहीं है।” ऊषा ने परेशान होकर जनसुनवाई में कलेक्टर से अपना ही पैसा दिलाने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि जब भी वह पैसे निकालने जाती हैं, बैंककर्मी उन्हें बाहर निकाल देते हैं। यह न्याय की कौन सी व्यवस्था है, जहां लोग अपनी मेहनत की कमाई भी नहीं निकाल सकते?मध्य प्रदेश में एक और बैंक कंगाल: गबन ने डुबोए करोड़ों
यह सिर्फ ऊषा की कहानी नहीं है। खनियांधाना, नरवर, और चकरामपुर जैसे कई इलाकों के अनगिनत उपभोक्ता अपने पैसे के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और कलेक्टर से गुहार लगा चुके हैं।मध्य प्रदेश में एक और बैंक कंगाल: गबन ने डुबोए करोड़ों
सरकारी मदद भी बेअसर, राज्यसभा में गूंजा था मुद्दा
हैरानी की बात यह है कि शिवपुरी जिला सहकारी बैंक की इस खस्ता हालत को सुधारने के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पत्र पर राज्य सरकार ने करोड़ों रुपए की आर्थिक सहायता भी दी थी, लेकिन यह मदद भी भ्रष्टाचार के गहरे गड्ढे को भरने में नाकाम रही।मध्य प्रदेश में एक और बैंक कंगाल: गबन ने डुबोए करोड़ों
मध्य प्रदेश में सहकारी बैंकों की यह दुर्दशा कोई नई बात नहीं है। यह मुद्दा राज्यसभा तक में गूंज चुका है। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने सदन में बताया था कि प्रदेश की लगभग 80 प्रतिशत प्राथमिक सहकारी समितियां भारी घाटे में हैं। उन्होंने दावा किया था कि राज्य के 38 जिला सहकारी बैंकों में से 13 की हालत इतनी दयनीय है कि वे अपने ग्राहकों को 2 हजार रुपए का भुगतान भी नहीं कर सकते। शिवपुरी जिला सहकारी बैंक का हाल इस कड़वी सच्चाई का एक और जीता-जागता सबूत है।मध्य प्रदेश में एक और बैंक कंगाल: गबन ने डुबोए करोड़ों



















