चौपाटी के नाम पर चौपट हो रहा बूढ़ा गार्डन: ग्रीन आर्मी का विरोध

रायपुर: पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय ग्रीन आर्मी ने बूढ़ा गार्डन को बचाने की मुहिम छेड़ दी है। प्रदेश मीडिया प्रभारी शशिकांत यदु ने बताया कि पर्यटन विभाग को चौपाटी के नाम पर तालाबों और धरोहर स्थलों से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। चौपाटी के निर्माण स्थल के निकट ही दानी गर्ल्स स्कूल है, जिससे वहां से सुरक्षा के मुद्दे उठ रहे हैं। स्कूल के पास चौपाटी का निर्माण बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है, क्योंकि इसकी छत से स्कूल का दृश्य स्पष्ट है। चौपाटी के नाम पर चौपट हो रहा बूढ़ा गार्डन: ग्रीन आर्मी का विरोध
स्थानीय निवासियों की चिंता
बूढ़ा गार्डन में हजारों स्थानीय निवासी और शहरवासी नियमित रूप से मॉर्निंग वॉक, योगा और स्वास्थ्य लाभ के लिए आते हैं। इस पाथवे पर चौपाटी के लिए भारी लोहे की संरचना का निर्माण जीव-जंतुओं और पर्यावरण के लिए हानिकारक होगा, और बूढ़ा तालाब केवल एक डस्टबिन बनकर रह जाएगा। चौपाटी के नाम पर चौपट हो रहा बूढ़ा गार्डन: ग्रीन आर्मी का विरोध
संस्था का पूर्ववर्ती विरोध
संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अमिताभ दुबे ने कहा कि ग्रीन आर्मी ने पहले भी चौपाटी के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था। वर्ष 2019 में “एक व्यक्ति एक धमेला” कार सेवा के तहत बूढ़ा तालाब को बचाने का कार्य किया गया था। यदि पाथवे पर चौपाटी का निर्माण किया जाता है, तो ग्रीन आर्मी इसके खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। चौपाटी के नाम पर चौपट हो रहा बूढ़ा गार्डन: ग्रीन आर्मी का विरोध
जीव-जंतुओं के लिए खतरा
रायपुर जिला अध्यक्ष गुरदीप टुटेजा ने बताया कि चौपाटी के निर्माण से न केवल टहलने वालों, बल्कि जीव-जंतुओं का जीवन भी प्रभावित होगा। ग्रीन आर्मी ने आज लगभग 100 सदस्यों और स्थानीय निवासियों के साथ चौपाटी निर्माण का विरोध किया। अगर चौपाटी का निर्माण सफल होता है, तो शहरवासियों से फूड्स सामग्री की खरीद नहीं करने की अपील की जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों और पर्यावरण प्रेमियों का आभार प्रदेश अध्यक्ष अमिताभ दुबे ने व्यक्त किया। चौपाटी के नाम पर चौपट हो रहा बूढ़ा गार्डन: ग्रीन आर्मी का विरोध









