महिला आरक्षण पर भूपेश बघेल का बड़ा बयान: ‘कौशल्या भाभी को बनाएं सीएम!’

कौशल्या भाभी को बनाएं सीएम: Chhattisgarh की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का पारा चढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने मौजूदा CM Vishnu Deo Sai पर सीधा हमला बोलते हुए एक ऐसा तंज कसा है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
The Controversy: “कौशल्या भाभी को मुख्यमंत्री बना दीजिए”
कौशल्या भाभी को बनाएं सीएम: Bhupesh Baghel ने महिला आरक्षण (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) के मुद्दे पर BJP को घेरते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री को इतनी ही तकलीफ है, तो उन्हें अपनी पत्नी यानी कौशल्या भाभी को CM बना देना चाहिए। Baghel’s Key Points:
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Targeting RSS & BJP: उन्होंने आरोप लगाया कि जनसंघ, RSS, VHP और BJP ने कभी भी महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व (top leadership) में मौका नहीं दिया।
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Historical Context: बघेल के अनुसार, महिला आरक्षण की पहल सबसे पहले Rajiv Gandhi ने की थी, लेकिन तब BJP ने ही इसमें अड़ंगा लगाया था। अगर ऐसा न होता, तो यह कानून 1989 में ही पास हो गया होता।
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Panchayati Raj Success: उन्होंने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लागू पंचायती राज व्यवस्था का जिक्र किया, जिससे लाखों महिलाएं राजनीति की मुख्यधारा में आईं।
BJP’s Counter-Attack: Protests and Special Session
कौशल्या भाभी को बनाएं सीएम: On the other hand, BJP “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को लेकर कांग्रेस के खिलाफ काफी आक्रामक है।
| Event Date | Strategy / Plan |
| April 20 | Statewide protests against Congress started. |
| April 23-24 | Jan Aakrosh Mahila Sammelan across the state. |
| April 26-27 | Effigy burning (पुतला दहन) at the Mandal level. |
Special Assembly Session (विशेष सत्र) की तैयारी
कौशल्या भाभी को बनाएं सीएम खबरों की मानें तो Sai Government इसी महीने छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र (Special Session) बुलाने की तैयारी में है।
CM Vishnu Deo Sai का कहना है कि विपक्ष के नकारात्मक रुख के खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव (Censure Motion) लाया जाएगा।
कौशल्या भाभी को बनाएं सीएम: छत्तीसगढ़ में होने वाले आगामी चुनावों और महिला वोट बैंक को साधने के लिए दोनों पार्टियां “महिला आरक्षण” को अपना हथियार बना रही हैं। जहाँ कांग्रेस इसे अपनी पुरानी उपलब्धि बता रही है, वहीं BJP इसे कांग्रेस की “महिला विरोधी मानसिकता” के रूप में पेश कर रही है।









